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भूकंप – बारूद के ढेर पर बैठा है हमारा गाज़ियाबाद बस चिंगारी का है इंतजार

भूकंप – बारूद के ढेर पर बैठा है हमारा गाज़ियाबाद बस चिंगारी का है इंतजार

गाज़ियाबाद | बुधवार रात को गाज़ियाबाद समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भोकम्प के झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 5.5 थी जबकि इसका केंद्र उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के पास कालीमठ में रहा। राष्ट्रीय भूकंप-विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप रात करीब 8:49 बजे आया। फिलहाल जानमाल की क्षति की कोई सूचना नहीं है, लेकिन भूगर्भशास्त्रीयों के अनुसार अगला भूकंप कभी भी आ सकता है।
लेकिन क्या हमारा गाज़ियाबाद भूकंप के झटके को झेलने के लिए तैयार है? शायद नहीं। बल्कि हमारे शहर के हालत इतने खराब हैं कि इकमंजिला मकानों पर अवैध रूप से बने दुमंजिले और तिमंज़िले मकान कभी भी ताश के पत्तों की तरह ढेर हो सकते हैं। जीडीए द्वारा बसाई गई सभी पुरानी कॉलोनियों जैसे संजय नगर, लाल क्वार्टर, पटेल नगर, शास्त्री नगर, विजय नगर, लाजपत नगर, शालीमार गार्डन आदि में जीडीए द्वारा बनाए गए फ्लैटों के ऊपर लोगों ने अवैध अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण कर लिया है। लोगों ने जीडीए से बिना नक्शा पास कराये ही या रिश्वत देकर नक्शा पास कराने के बाद अतिरिक्त मंज़िले तो बना ली मगर इन मकानों की नींव या निचली मंजिलों की दीवारों को मजबूत करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह है कि कमजोर नींव पर खड़ी ये बहुमंजिला इमारतें कभी भी गिर सकती हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि दुर्भाग्य से यदि भविष्य में कोई हादसा होता है तो उसमें हुई जान-माल की हानि के लिए जिम्मेदार कौन होगा – जीडीए के रिश्वतखोर कर्मचारी या फिर इन अवैध मकानों के में रहने वाले लोग ?

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Thursday 14 दिसंबर, 2017 15:35 PM