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मंडोला के किसानों का धरना प्रदर्शन 148 वे दिन भी रहा जारी

मंडोला के किसानों का धरना प्रदर्शन 148 वे दिन भी रहा जारी

गाज़ियाबाद। सोमवार को उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की मंडोला विहार योजना से प्रभावित 6 गांव के किसानों का क्रमिक अनशन 148 वे दिन भी जारी रहा। प्रभावित किसान गांधी वादी तरीके से अपना किसान सत्याग्रह आंदोलन चला रहे हैं जिसे 2 दिसम्बर को एक वर्ष हो गया। किसानों के धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता मनवीर तेवतिया समेत 15 पुरुष और 5 महिलाओं ने अपनी जान पर खेलकर 13 दिन आमरण अनशन भी किया जिसको तत्कालीन जिला अधिकारी निधि केशरवानी द्वारा किसानों से वार्ता करके मुआवजे पर सहमति बनाने के लिए शासन स्तरीय कमेटी बनवाने के आश्वासन पर किसानो ने आमरण अनशन समाप्त कर दिया था। कमेंटी बनी लेकिन पीड़ित किसानों को सुना तक नहीं गया उल्टा 17 मई को मनवीर तेवतिया समेत 5 किसानो पर झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए व मनवीर तेवतिया को जिलाबदर कर दिया। जिसके बाद अगले ही दिन अन्य प्रॉपर्टी डीलरो को साथ लेकर सांसद प्रतिनिधि चौधरी करतार सिंह के नेतृत्व में वार्ता कराई गई।

निर्दोष और असहाय किसानों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज भी किया गया। किसान नेता मनवीर तेवतिया के बाद नीरज त्यागी पर जिला बदर की कार्यवाही की गई है। जिससे पीड़ित किसानों में शासन प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। शासन प्रशासन के प्रति रोष प्रकट करते हुए सैकड़ो किसानों ने अपने सर मुंडवा लिए। जिससे आज किसानों ने आगे की रणनीति बनाते हुए निर्णय लिया है कि यदि जिला प्रशासन उनके नेता मनवीर तेवतिया पर लगा प्रतिबंध जिसका समय 5 दिसंबर को समाप्त हो रहा है जो यदि आगे बढ़ाया गया तो सैकड़ो किसान रोजाना नग्न अवस्था में धरने पर रहेंगे। किसानों के साथ-साथ किसान नेता मनवीर तेवतिया भी अपना सिर मुंडवाकर अर्धनग्न अवस्था में ही रहेंगे। मनवीर तेवतिया ने यह निर्णय लेकर किसानों में जोश भर दिया है। उन्होंने कहा जब किसान सत्याग्रह आंदोलन मंडोला का नेतृत्व मेरे नाम दर्ज है तो किसी भी रणनीति में वह किसानों के साथ रहेंगे।

अधिकारी को पत्र भी दिया गया जिसमें किसानों की मुआवजे सम्बन्धी मांगो पर सहमति बनाने के लिए शासन स्तरीय कमेटी का गठन कराने का आग्रह एवं गठित कमेंटी से धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता मनवीर तेवतिया की उपस्थिति में ही किसान प्रतिनिधि मंडल द्वारा वार्ता करने की बात कही गई है। बता दें कि, पूर्व में भी जो कमेंटी शासन द्वारा गठित की गई थी उसको मनवीर तेवतिया ,महेंद्र सिंह त्यागी,रणवीर बैसला आदि किसान सत्याग्रह आंदोलन के संयोजक एवं प्रतिनिधिमंडल के आग्रह पर ही बनवाया गया था और पत्राचार भी मनवीर तेवतिया व अन्य के सम्बोधन में किया गया।

 

 

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