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लावारिस संपत्ति पर हक जताना है संगीन अपराध, हो सकती है दो साल की जेल

लावारिस संपत्ति पर हक जताना है संगीन अपराध, हो सकती है दो साल की जेल

गाज़ियाबाद। अगर किसी व्यक्ति को जमीन के अन्दर या बहार कोई वस्तु या संपत्ति आदि मिलती है तो उस पर हक़ जाताना गौर क़ानूनी है। इस संबंध में आईपीसी की धारा 403 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इस मामले में कानून भाषा में जो कोई बेईमानी से किसी संपत्ति का दुर्विनियोग करेगा या उसको अपने उपयोग के लिए संपरिवर्तित कर लेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिनकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से ही दण्डित किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए (क) क, य की संपत्ति को उस समय जबकि क उस संपत्ति को लेता है, यह विश्वास रखते हुए कि वह संपत्ति उसी की है, य के कब्जे में से श्रद्धापूर्वक लेता है। तो क, चोरी का दोषी नहीं होगा। किन्तु यदि क यदि अपनी भूल मालूम होने के पश्चात् उस संपत्ति को बेईमानी से अपने लिए विनियोग कर लेता है, तो वह इसधारा के अधीन अपराध का दोषी है।

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By प्रगति शर्मा : Sunday 22 अप्रैल, 2018 10:39 AM