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शराबी पति ने छोड़ा साथ तो अकेले ही अपने बच्चों की ज़िन्दगी संवारने में निकल पड़ी उषा

शराबी पति ने छोड़ा साथ तो अकेले ही अपने बच्चों की ज़िन्दगी संवारने में निकल पड़ी उषा

गाज़ियाबाद। कहने को तो दुनिया में दुखी लोग बहुत हैं लेकिन ऐसे बहुत कम ही लोग हैं जो अपने दुःख को छुपाकर अन्य लोगों  को बस खुशियाँ ही देते रहते हैं। हम आज बात कर रहे हैं एक ऐसी महिला के बारे में जिसने छोटी सी उम्र में न केवल ससुराल की जिम्मेदारियां संभाली बल्कि अपने बलबूते वह अपने दो बेटों को काबिल बना रही है।

गाज़ियाबाद के लाल कुआं इलाके में किराए के मकान में रहने वाली उषा देवी की शादी तभी करा दी गई जब वे नाबालिग थीं । इनके दो बेटे हैं जो राजनगर के एक स्कूल में पढ़ते हैं। बड़ा बेटा दसवीं तो छोटा छठवीं में पढ़ता है। इनके पति गार्ड की नौकरी करते हैं। हमारा गाज़ियाबाद की टीम से बात करते हुए इन्होंने बताया की इनके पति कहने को गार्ड की नौकरी करते हैं लेकिन घर की जिम्मेदारियों से उनका दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं रहता।

टीम से बात करते हुए आगे उषा ने बताया कि उसके पति के शराबी होने और घर में भूख से तड़पते बच्चों के आंसू ने उषा को घर से निकले पर मजबूर कर दिया। घर के बुरे हालात को देखकर उषा ने पहले मॉल व होटल में सफाई का काम शुरू किया लेकिन जब उससे भी जब घर का गुजारा नहीं चल सका और बच्चों की पढ़ाई की चिंता हुई तो उन्होंने मजदूरी करना शुरू कर दिया।

उषा बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया के एक कंम्पनी में मजदूरी का काम करती है। और इसी के माध्यम से वह अपना और अपने बचों कात पल रही और उन्हें शिक्षित बना रही है। टीम द्वारा बहुत पूछने पर उषा ने बताया कि यह  ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं है जिसके कारण इसे मजदूरी करके अपने बच्चों पालना पड़ रहा है। आगे उन्होंने बताया कि इनके पति कई-कई दिनों तक घर नहीं आते और जब आते हैं तो घर में कलह मचाते हैं। जिसके कारण उषा हमेशा परेशान रहती है। स्वयं पढ़ा लिखा न होने और मज़बूरी में मजदूरी करने वाली उषा नहीं चाहती कि उसके दोनों बेटों को भी भविष्य में मजदूरी करना पड़े इसलिए वह किसी तरह दुःख-दर्द सहकर अपने बेटों को पढ़ा रही है।

आगे उषा ने बताया कि मजदूरी का काम भी कभी-कभी उसे नहीं मिल पता जिसके कारण इसे कई जगहों पर भटकना पड़ता है। पैसों के आभाव में कई बार वह अपने बच्चों की फीस तक नहीं दे पाती। बाहर रहकर मजदूरी करने के कारण वह अपने बच्चों को ज्यादा समय भी नहीं दे पाती। शराबी पति से परेशान उषा हर रोज सुबह 3 बजे उठकर भगवान् भोलेनाथ की पूजा करती है और उनसे ये प्रार्थना करती है  कि उनके दोनों बेटे बुरी संगती और नशीले पदार्थों से दूर रहें ।

हमारा गाज़ियाबाद की टीम उषा के जज्बे और मातृत्व को सलाम करती है।

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By प्रगति शर्मा : Wednesday 22 नवंबर, 2017 14:22 PM