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एक महीने से बंद है संतोष मेडिकल कॉलेज, परेशान छात्र और स्टाफ बैठा धरने पर

एक महीने से बंद है संतोष मेडिकल कॉलेज, परेशान छात्र और स्टाफ बैठा धरने पर

गाज़ियाबाद | शहर के पुराने बस अड्डे पर स्थित संतोष मेडिकल अस्पताल के दो हजार से अधिक छात्र और आठ सौ से अधिक छात्र अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से परेशान होकर धरने पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन 50 करोड़ रुपये लेकर कहीं भाग गया है, जिसके कारण न तो डॉक्टरों को सात माह से वेतन दिया गया है और न ही मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक माह से मेडिकल कॉलेज खोला ही नहीं गया है, जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। सोमवार को भी डॉक्टरों ने दो घंटे अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय में छात्रों के साथ डॉक्टरों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वह इस संबंध में जल्द ही कोई उचित कार्रवाई करेगी।

जानकारी के अनुसार महाराज जी एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से चलाए जा रहे संतोष मेडिकल अस्पताल की बागडोर साल 2012 में डॉ पी महालिंगम को सौंपी गई थी। आरोप है कि दक्षिण भारत में महालिंगम के कई मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। डॉक्टरों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा था। इस संबंध में जब प्रबंधन से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया और अस्पताल को कुछ दिन के लिए बंद कर दिया। दीवाली की छुट्टी हो जाने के कारण मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र भी घर चले गए थे। अब जब बच्चे वापस आ गए हैं उसके बाद भी कॉलेज में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इस संबंध में जब प्रबंधन से बात की गई तो उन्होंने अस्पताल बंद करने की बात कही।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Monday 20 नवंबर, 2017 07:26 AM