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बोरवेल सील होने से उद्यमियों में भय का माहौल

बोरवेल सील होने से उद्यमियों में भय का माहौल

गाज़ियाबाद | स्थानीय प्रशासन आजकल उद्योगों में लगे बोरवेल सील कर रहा है। इसी क्रम में जब प्रशासन की टीम आज जब बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया में बोरवेल सील करने पहुंची तो टीम के सदस्य वहां एकत्रित उद्यमियों और श्रमिकों के सवालों का जवाब देने में असमर्थ नज़र आये।

उद्यमियों ने टीम का नेतृत्व कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट से पूछा कि शहर में हजारों की संख्या में बोरवेल लगे हैं फिर क्या कारण है कि केवल उद्यमियों को ही इसका शिकार बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि दुर्भाग्यवश किसी संस्थान में आग लग जाती है, तो ऐसे में आग बुझाने के लिए पानी की व्यवस्था का प्रबंध कहाँ से होगा। वहां मौजूद श्रमिकों ने कहा कि आप हमारी फैक्ट्री के बोरवेल सील कर रहे हो, अब हमारे पीने व अन्य दैनिक कर्मों के लिए पानी की व्यवस्था कैसे होगी।

उद्यमियों का कहना है कि शहर में हज़ारों उद्योग हैं लेकिन उन में से ज़्यादातर के बारे में स्थानीय प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है और इसलिए प्रशासन केवल उन उद्योगों के बोरवेल सील कर रहा है जो विधिवत रूप से सभी विभागों से पंजीकरण करा कर उत्पादन कर रहे हैं।

बता दें कि गाज़ियाबाद के किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम या UPSIDC द्वारा पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। पीने के पानी के लिए सभी उद्यमी बोरवेल्स पर ही निर्भर हैं। एक उद्यमी ने हमारे रिपोर्टर से कहा कि गाज़ियाबाद नगर निगम और अन्य सरकारी दफ्तरों में लगे बोरवेल्स भी बिना CGWA की एनओसी के चल रहे हैं,तो ऐसे में ये अधिकारी किस नैतिकता के आधार पर उद्योगों में लगे बोरवेल सील कर सकते हैं।

बहरहाल इन सभी सवालों का उत्तर देने में असमर्थ अधिकारियों की टीम एनजीटी के आदेशों की मजबूरी बता कर बोरवेल सील करके चली गई। आज की इस गतिविधि से गाज़ियाबाद के उद्यमियों में भय का माहौल है और वे अब इस चिंता में हैं कि अगला नंबर किसका होगा।

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