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दूसरे शहर में रहकर जॉब करना लड़कियों के लिए नहीं है आसान, जरुरी है आत्मनिर्भरता

दूसरे शहर में रहकर जॉब करना लड़कियों के लिए नहीं है आसान, जरुरी है आत्मनिर्भरता

गाज़ियाबाद। घर से बहार होस्टल में या किराए के मकान में रहना हर लड़कियों के लिए मुश्किल होता है। जिन लोगों के साथ अपनी जिंदगी के 18 से 20 साल गुजारा हो उनसे अलग होकर अंजान शहर में, अंजान लोगों के साथ रहना बहुत कठिन होता है। आज हम बताने जा रहे हैं अंजान शहर में रहकर पढ़ाई व जॉब करने वाली लड़कियों की जिंदगी के बारे में, जो अपने बलबूते पर ही अपनी जिंदगी जी रही है।

ऐसी लड़कियों की ज़िन्दगी में आने वाले परेशानियों को जानने के लिए हमारा गाज़ियाबाद कि टीम शास्त्रीनगर में पीजी में रहने वाली शिवानी झा से मिली, जो वर्तमान में बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया साईट 1 के एक कंम्पनी में काम करती है। खासतौर पर वह बिहार की रहने वाली है लेकिन जॉब के कारण उसे गाज़ियाबाद में रहना पड़ रहा है।

उसने अपने बारे में बताते हुए कहा कि जब उसकी जॉब लगी थी तो वह बहुत खुश थी लेकिन जैसे वह दूसरे शहर में आई तो उसे रहने में कठिनाई होने लगी। उसने पीजी में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताते हुए कहा कि पहले उसे अपने लिए पीजी या रूम ढूंढने में बड़ी कठिनाई हुई। कहीं पीजी मिला तो उसे अच्छा माहौल नहीं मिल पाया, कहीं पानी तो कहीं बिजली की दिक्कत, या फिर अच्छा रूम मिला तो उसका रेंट ज्यादा था।

पहले तो उसे अच्छी रूम पार्टनर को ढूंढने में कठिनाई हुई। उसका कहना था कि पीजी में रहने वाली हर लड़कियों का स्वभाव अलग-अलग होता है। बाहर रहकर काम करने वाली लड़कियों का संगत अगर गलत लोगों से हो जाए तो उनका गलत रास्ते पर जाना तय हो जाता है।  क्योंकि उस वक़्त उन्हें समझाने वाले उनके बड़े वहां मौजूद नहीं होते। कभी-कभी काम से देर से आने पर आस-पास के लोगों के विचार गलत हो जाते हैं। वे हमेशा उन्हें शक की नजर से देखते हैं।

भीगी आंखे और सिसकते हुए आवाज में उसने कहा कि जब वह पीजी में मिलने वाला खाना खाती है तो उसे अपनी माँ की बहुत याद आती है। मध्यम वर्ग के परिवार से होने के कारण वह अपनी परेशानियों को घर पर नहीं बताती है और उसका समाधान वह खुद करती है। आगे उसने बताया कि गाज़ियाबाद में अपराधिक मामले ज्यादा होने के कारण उसके परिवार वालों को हमेशा उसकी फ़िक्र होती है। सफ़र के दौरान घटने वाली घटनाओं से वह अच्छी तरह से वाकिफ है, जिससे खुद का बचाव करने के लिए उसने कराटे सिख रखा है। इसलिए उसे कभी डर नहीं लगता।

अपने निजी विचारों को रखते हुए उसने कहा कि घर से दूर रहकर काम करने वाली लड़की भी किसी की बेटी होती है। ये बात लोग नहीं समझ पाते हैं और हमेशा उन्हें शक की नजर से देखते हैं। एक अकेली लड़की के लिए बाहर रहकर पढाई करना या जॉब करना बहुत मुश्किल होता है। अगर कोई लड़की  शहर के बाहर रहकर जॉब करना चाहती है तो सबसे पहले उसे अपना बचाव स्वयं करना आना चाहिए। उसे कराटे या  जूडो जरुर सीखना चाहिए। उसने ये भी कहा कि हर लड़कियों को अपनी सुरक्षा स्वयं करना आना चाहिए। 

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