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अस्पताल के औचक निरीक्षण में मिली शिकायतों पर डीएम हुई सख्त, अपर उपजिलाधिकारी को सौंपी जांच

अस्पताल के औचक निरीक्षण में मिली शिकायतों पर डीएम हुई सख्त, अपर उपजिलाधिकारी को सौंपी जांच

गाजियाबाद। संयुक्त अस्पताल संजय नगर के औचक निरीक्षण के दौरान मिली खामियों जांचकर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने अपर उप जिलाधिकारी संजय बंसल को दिये है।

गौरतलब है कि कल डीएम के औचक निरीक्षण के दौरान आर्थो वार्ड में भर्ती मामराज नाम के मरीज ने जिलाधिकारी को बताया था कि, वह करीब 18 दिन से अस्पताल में भर्ती है। उसके पैर का आपरेशन आर्थोपैडिक सर्जन डॉ सागर द्वारा किया गया है तथा पैर मे रॉड डाली गई है। जिसके एवज में उससे दस हजार रूपये लेकर रसीद भी दी गई है। इसके अतिरिक्त आपरेशन के इक्यूपमेन्ट हेतु 2000 रूपये लिए गये है जिसकी रसीद भी दी गई है।

जिलाधिकारी ने सीएमओ गाज़ियाबाद से इस बारे में जानकारी चाही तो उन्होनें बताया कि राड (इम्लाटं) किसी भी अस्पताल में उपलब्ध नही कराया जाता है। जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच अपर उप जिलाधिकारी संजय बंसल को सौंपते हुये एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिये है।

डीएम के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में डेन्टल डिपार्टमेन्ट बन्द पाया गया। सीएमएस के बुलाने पर विभाग में तैनात दन्त चिकित्सक डॉ राजेश सिंह आये। विभाग में लगे ताले पर उन्होंने बताया कि, अपने बच्चे को स्कूल से लेने अस्पताल से बाहर गये थे।

आरसीटी के सम्बन्ध में दन्त चिकित्सक ने बताया कि आरटीसी का मूल्य 250 रूपये है जो कि 5 सिटिंग में किया जाता है। डॉ राजेश सिंह ने बताया कि वह माहीने में करीब 15 आरसीटी करते हैं, परन्तु उनके द्वारा इसका कोई रजिस्टर नही बनाया गया है न ही कोई रिकॉर्ड कहीं दर्ज है। उन्होंने बताया कि, वह केवल जनरल ओपीडी रजिस्टर में ही इसकी जानकारी दर्ज करते हैं।

डीएम के संज्ञान में आया कि, आईटीएस डेन्टल कॉलेज गाजियाबाद द्वारा अस्पताल परिसर में जन-समान्य हेतु निःशुल्क डेन्टल क्लीनिक संचालित की जा रही है। इस सम्बन्ध में सीएमओ द्वारा बताया गया कि, यह क्लीनिक दिसम्बर 2008 से तत्कालीन डीएम के आदेशानुसार संचालित है। साथ ही इसकी अनुमति के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उप्र शासन को भी सूचित किया गया है।

इसके साथ ही महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उप्र द्वारा भी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2014 में तत्कालीन डीएम द्वारा उक्त क्लीनिक को चलाते रहने के आदेश पारित किये गये हैं। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की भी जांच अपर उपजिलाधिकारी संजय बंसल को देते हुये एक सप्ताह में रिपोर्ट  प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने अस्पताल की स्टाफ अटेंडेंस रजिस्टर को चेक किया। जिसमें एक्सरे टैक्नीशियन विवेक चौधरी द्वारा दिनांक 22 अक्टूबर तक अवकाश स्वीकृत कराया गया। लेकिन निरीक्षण के दिन 23 अक्टूबर को बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाया गया। जिलाधिकारी ने सीएमएस को निर्देशित किया कि उक्त कर्मचारी का स्पष्टीकरण प्राप्त कर नियमानुसार कार्यवाही करके 3 दिन में उन्हें अवगत कराया जाए।

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