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आज के दिन यमराज की पूजा करने से नहीं होती अकाल मृत्यु

आज के दिन यमराज की पूजा करने से नहीं होती अकाल मृत्यु

गाज़ियाबाद। आज नरक चतुर्दशी है जिसे हम छोटी दीवाली के नाम से जानते है। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से सभी कष्टों से छुटकारा मिल जाता है और नरक नहीं जाना पड़ता है। प्राचीन कथाओं व ज्ञानी मुनियों का कहना है बताया कि दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इसको मुक्ति पाने वाला पर्व कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था। इसी से इसका नाम नरक चतुर्दशी पड़ा।

भगवान श्रीकृष्ण इस दिन 16 हजार कन्याओं को नरकासुर की कैद से छुड़ाकर अपनी शरण में ले आए थे। नरकासुर वासनाओं और अहंकार का प्रतीक है। जैसे श्रीकृष्ण ने उन कन्याओं को अपनी शरण देकर नरकासुर को यमपुरी पहुंचाया, वैसे ही हमें भी अपने चित्त में विद्यमान नरकासुर रूपी अहंकार व वासनाओं के समूह को श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए। इससे हमें भी भगवान के चरणों में जगह मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि इस पर्व पर यमराज की पूजा भी की जाती है, जिससे असमय मौत नहीं होती है। यह भी माना जाता है कि इसी दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से संकटों से छुटकारा मिलता है।

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