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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे घोटाला – 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे घोटाला – 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गाज़ियाबाद | दिल्ली-मेरठ और ईस्टर्न पेरीफिरल एक्सप्रेसवे की अधिग्रहित भूमि के मुआवज़े में हुई बंदरबांट के लिए 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार के आदेश पर गाज़ियाबाद के एडीएम (एलए) ने पांच दलालों समेत 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए एक दलाल इदरीस को हिरासत में ले लिया और उसकी निशानदेही पर शेष दलालों के ठिकानों पर दबिश डाली जा रही है।

मंडलायुक्त ने सोमवार को आदेश दिया था कि सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर प्रति कर की वसूली शुरू की जाये। आदेशों पर कार्यवाही करते हुए कल देर रात तत्कालीन एडीएम (एलए) घनश्याम सिंह के पुत्र शिवांग राठौर, तत्कालीन अमीन संतोष की पत्नी लोकेश बेनीवाल, उसके मामा रणबीर सिंह (आईएएस), मामा के बेटे और पुत्रवधू (दीपक और दिव्या) आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके अलावा दलाल इदरीस, शाहिद, शमीम खान व शाहिद 2 आदि के खिलाफ भी आईपीसी की उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।

किससे कितना पैसा वसूला जायेगा

मंडलायुक्त के आदेशों के अनुसार इस मामले में कुल ₹ 20 करोड़ की वसूली की जानी है। शिवांग से प्रतिकर के रूप में ₹5.81 करोड़, अमीन संतोष के परिवार से ₹14.91 करोड़ व दलालों से लगभग ₹ 4.74 करोड़ की वसूली की जानी है।

सभी अधिकारी जांच से से बाहर

इस घोटाले में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं मगर आश्चर्यजनक रूप से मंडलायुक्त डॉ. प्रभात के आदेशों में इन अधिकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही के निर्देशों का अभाव है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मंडलायुक्त पर इन अधिकारियों को जांच के दायरे से बाहर रखने का दबाव है?

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Friday 20 अप्रैल, 2018 02:36 AM