ताज़ा खबर :
prev next

शाबाश गाज़ियाबाद: छोटी सी दुकान के बलबूते अपनी बेटी को काबिल बना रही ये महिला

शाबाश गाज़ियाबाद: छोटी सी दुकान के बलबूते अपनी बेटी को काबिल बना रही ये महिला

गाज़ियाबाद। पुरुष हो या महिला सम्मान से जीने का अधिकार सबको है। ये जातिगत भेदभाव और उंच-नीच के खिलाफ खड़े रहना वर्तमान में केवल ओछी बाते हैं क्यूंकि इस 21वीं सदी में ये सारी बाते बहुत दूर की कौड़ी हो चुकी है। इस समाज में कुछ लोग आपको ऐसे भी मिल जायेंगे मुश्किलों को दरकिनार कर ईमानदारी से जी रहे हैं।

आज हम आपको ऐसी ही महिला के बारे में बताने जा रहे है जो पिछले 9 सालों से अपने पत्नी धर्म को निभाने के साथ चाय बेचकर ईमानदारी की जिन्दगी जी रही है। सुनीता (काल्पनिक नाम) की शादी 25 साल पहले हुई थी। इनके पति पालीथीन का कारोबार करते हैं। सुनीता पिछले 9 सालों से पुराना बस अड्डा जाने वाले रोड पर कलेक्ट्रेट के सामने ठेले पर छोटी सी दुकान चला रही हैं।

9 साल पहले एक ये फैक्ट्री में जॉब करती थी लेकिन किसी कारण वश उन्हें ये जॉब छोड़नी पड़ गई। पति पालीथीन का कारोबार करते थे लिहाजा इस पर बैन लगने एक बाद इनका ये धंधा मंदा पड़ने लगा। इसी मंदी के दौरान इन्होने यह चाय की दुकान खोली थी लेकिन हमेशा बाहर की भागदौड़ करने के कारण ये अपनी दुकान को समय नही दे पा रहे थे। एक वक्त ऐसा आया कि सुनीता के पति ने इस दुकान को बंद करने का निर्णय ले लिया।

सुनीता एक गरीब परिवार से थी और ये चाय की दुकान रोज की आमदनी के लिए अच्छा साधन था। इस दुकान से रोज की इतनी आमदनी हो जाया करती है कि किसी के आगे हाथ फ़ैलाने की जरूरत नही पड़ती। आज की तारीख में सड़क से निकलने वाली हर कार व बाइक इनके दुकान से गुजरती है इन्हें चार पैसे दे कर जाती है।

सुनीता बताती हैं कि इनके दो बच्चे हैं जिनको इन्ही दुकान के पैसों से काबिल बना रही हैं। न तो इनपर बैंक का कोई कर्जा है और न ही किसी से उधार ले रखा है। छोटा बेटा हाईस्कूल में है और बड़ी बेटी बीए कर रही है। सुनीता कहती हैं कि अपने बच्चों के भविष्य और उनके सपनो के साथ कोई समझौता नही करना चाहती हैं। वर्तमान में सूकून और सुखभरी जिन्दगी जी रही सुनीता को अपने काम पर नाज है क्यूंकि ये उनका खुद का है किसी की गुलामी नही।

हमारा गाजियाबाद की टीम सुनीता के इस सुखी और संघर्ष भरे जीवन को सलाम करती है। 

हमारा गाज़ियाबाद के एंड्राइड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैंआप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।