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एक्सप्रेस-वे घोटाला – अधिकारियों ने गैंग बनाकर की सरकारी खजाने की लूट

एक्सप्रेस-वे घोटाला – अधिकारियों ने गैंग बनाकर की सरकारी खजाने की लूट

गाज़ियाबाद | दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के लिए दिए गए मुआवजे में गाज़ियाबाद में तैनात ऊपर से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों गैंग बनाकर सरकारी खजाना लूटा। यह तथ्य मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार की रिपोर्ट से साफ़ जाहिर हैं।

मंडलायुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके रिश्तेदारों और स्थानीय दलालों ने गैंग बनाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। उनकी इस हरकत से शासन की छवि को इतनी हानि पहुंची है कि उसका मूल्यांकन करना भी असंभव है। जिन अधिकारियों को मुआवजों के मामले में सुनवाई कर किसानों के साथ न्याय करना था, उन्होंने ही भ्रष्टाचार को अंजाम दिया।

अपनी रिपोर्ट में मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा है कि डीएम विमल कुमार शर्मा, डीएम निधि केसरवानी, तत्कालीन एडीएम (भू-अर्जन) घनश्याम समेत कई सरकारी कर्मचारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया है। पूर्व नियोजित तरीके से अधिग्रहित भूमि के बदले में चार गुना मुआवजे की जगह 10 गुना मुआवजा बांटा गया। जब घोटाले की शिकायतें प्रशासन को मिलने लगीं तो उन्हें हर स्तर पर दबाने का प्रयास किया गया। बता दें कि गाज़ियाबाद में यह कोई अकेला घोटाला नहीं है, यहाँ नगर निगम और जीडीए से लेकर जिला प्रशासन तक भ्रष्टाचार के किस्से सामने आते रहते है। मगर ताज्जुब की बात यह है कि जिले में तैनात किसी भी सरकारी कर्मचारी को आज तक भ्रष्टाचार के मामले में सजा नहीं हुई है। मंडलायुक्त की यह जांच भी दोषियों को सजा दिलाने में कामयाब होती है या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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