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गला काट दो, लेकिन कोई यह नहीं बताओ कि क्या करना है – हाईकोर्ट के फैसले पर बिफरी ममता बनर्जी

गला काट दो, लेकिन कोई यह नहीं बताओ कि क्या करना है – हाईकोर्ट के फैसले पर बिफरी ममता बनर्जी

कोलकाता | दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन और मोहर्रम एक साथ कराने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले पर नाराज ममता बनर्जी ने कहा, ‘कोई मेरा गला काट सकता है, लेकिन मुझे यह नहीं बता सकता है कि क्या करना है, क्या नहीं करना है। शांति बनाए रखने के लिए मैं वह सब करूंगी जो भी मुझे करना चाहिए।’

ममता ने आगे कहा कि कौन क्या पूजा करेगा, कैसे करेगा, ये हमारा अपना अधिकार है। मैं जब मुस्लिम के यहां कार्यक्रम में जाती हूं तो लोग कहते हैं कि मैं मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही हूं। जब मैं हिंदू के यहां जाती हूं तब क्या होता है? ये बहुत ही अपमानजनक बात है। हम कब विसर्जन करेंगे ये हमें पता है। शनिवार को विसर्जन होता हुआ मैंने तो कभी नहीं सुना। आज आप अचानक मुझे बोल देंगे कि इसे बदल दो तो मैं ऐसा नहीं कर सकती। ज़रूरत हो तो मेरा गला काट दीजिए, लेकिन आप मुझे ये नहीं बोल सकते कि ऐसा करो और ऐसा मत करो और अगर किसी ने उत्सव के समय माहौल खराब करने की कोशिश की तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।”

उल्लेखनीय है कि ममता सरकार ने फैसला लिया था कि मुहर्रम के अगले दिन ही दुर्गा प्रतिमा विसर्जन होगा। इस बार दुर्गा पूजा और मुहर्रम एक ही दिन 1 अक्टूबर को पड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने फैसला लिया कि मुहर्रम के दिन को छोड़कर 2, 3 और 4 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकता है।

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By विशाल पंडित : Friday 20 अप्रैल, 2018 02:40 AM