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समीर गुप्ता का संदेश, अगर कोई सड़क पर घायल मिले तो भागें नहीं उसकी मदद करें

समीर गुप्ता का संदेश, अगर कोई सड़क पर घायल मिले तो भागें नहीं उसकी मदद करें

गाज़ियाबाद। राह चलते कई बार हमारे सामने जब दुर्घटनाएं होती हैं तो अक्सर हम लोग उसे उपेक्षित कर के चल देते हैं। खासकर उन मामलों में जब कि आपको पुलिस, अस्पताल या प्रशासन के अलावा अन्य विभाग के सामने जाना हो।

अक्सर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए भर्ती कराने की जगह पर लोग खड़े होकर केवल तमाशा देखते हैं। एक भ्रान्ति यह भी है कि, अगर एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति को आप अस्पताल ले जाओगे तो पुलिस और अस्पताल के चक्कर में उलझना पड़ेगा। पुलिस आपसे पूछताछ करेगी, गवाही देनी पड़ेगी। और भी कई लफड़े होंगे।

इसके चलते कई बार लोग घायलों को पुलिस के आने तक अस्पताल नहीं ले जाते और इसके चलते ज्यादातर मामलों में घायल की मौत भी हो जाती है। लेकिन वहीँ कुछ जागरूक लोग ऐसे भी होते हैं जो कि न सिर्फ घायल की मदद करते हैं बल्कि इस भ्रान्ति को लेकर लोगों के बीच जागरूकता भी पैदा करते हैं।

कुछ इसी तरह के जागरूक नागरिक हैं, नेहरूनगर के रहने वाले समीर गुप्ता। समीर दिल्ली में नौकरी करते हैं, लिहाजा गज़ियाबाद से दिल्ली इनका रोज का आना-जाना होता है। कुछ दिनों पहले ये गाज़ियाबाद से दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान इन्होने देखा कि, मोहननगर चौराहे से पहले एक डिवाइडर के पास भीड़ लगी थी।

पास पहुँचने पर पता चला कि, एक व्यक्ति सड़क पर बेहोश पड़ा था, और लोगों ने उसे घेर रखा था। पूछताछ करने पर पता चला कि सड़क पार करते समय किसी गाड़ी ने टक्कर मार दी। समीर ने तुरंत अपनी गाड़ी में उसको लिटाया और आसपास के लोगों से उसको अस्पताल पहुचाने में मदद मांगी। लेकिन मौके पर खड़े होकर तमाशा देखने वालों में से कोई आगे नहीं आया।

समीर के मुताबिक, काफी समझाने के बाद एक व्यक्ति सामने आया लेकिन वह भी अस्पताल पहुँच कर गायब हो गया। इस बीच समीर ने पुलिस को घटना की जानकारी दे दी। समीर मोहन नगर अस्पताल पहुँचकर तुरंत उसको भर्ती कराया। हलांकि उसकी हालत बहुत गंभीर थी लेकिन समय रहते अस्पताल पहुँचने के कारण उसकी जान बच गई।

समीर के अनुसार लोगों में भ्रान्ति होती कि पुलिस के पचड़ों में फंसना पड़ेगा लेकिन उनके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ। उनके साथ यह तीसरी घटना घटी है लेकिन हर बार पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने उनके साथ बड़े ही बेहतर तरीके से व्यवहार किया। पूछताछ के नाम पर उनसे केवल उनका नाम और मोबाइल नम्बर पूछा गया। साथ ही अस्पताल प्रशासन द्वारा भी केवल उनका मोबाइल नम्बर व नाम पूंछा गया।

समीर हमारा गाज़ियाबाद के माध्यम से लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि अगर आपके सामने इस तरह का कोई हादसा आता है तो भागें नहीं। पीड़ित व्यक्ति की मदद करें, पुलिस को सूचना दें। आपकी मदद से किसी की जान बच सकती है।

हमारा गाज़ियाबाद आप सभी जागरूक नागरिकों से यह अपील करता है कि अगर आपको राह चलते इस तरह का कोई व्यक्ति मिलता है, तो उसकी मदद करें। साथ ही यह सरकारी नियम है कि अगर आप घायल की मदद करते हैं तो पूछताछ के नाम पर पुलिस आपको परेशान नहीं करेगी। बल्कि अब पुलिस इस तरह के साथ देने वाले लोगों को प्रोत्साहन देती है।

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By दुर्गेश तिवारी : Monday 19 फ़रवरी, 2018 09:00 AM