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अबला को सबला बनाने में सहायक है ‘आशा ज्योति केंद्र’

अबला को सबला बनाने में सहायक है ‘आशा ज्योति केंद्र’

गाज़ियाबाद। माहिलाओं पर हो रहे अत्याचार को तबतक खत्म नहीं किया जा सकता जबतक इसके खिलाफ स्वयं महिलाएं खड़ी नहीं हो जाती। वैसे तो नारी सशक्तिकरण की बातें तो हर कोई करता है पर धरातल पे आते आते वह शून्य हो जाती हैं। महिला उत्पीड़न के खिलाफ नारेबाजी, कैंडल मार्च निकालने वाले और शोक जताने वाले अगर एक साथ मिलकर इसके खिलाफ खड़े हों और इन अत्याचारियों का डटकर मुकाबला करें तो शायद महिला उत्पीड़न के मामले में कमी आने की संभावना है वरना ऐसे ही महिला उत्पीड़न जारी रहेगा, हर दिन महिलाओं को जलाया जाएगा, उनके साथ बलात्कार होता रहेगा और हम इसी तरह हर घटनाओं के बाद अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे फिर कुछ दिन बाद हम पहले की ही तरह अपने-अपने कामों में जुट जाएंगे।

इन सबसे हटकर महिलाओं पर लगातार हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने और अत्याचारियों को सजा दिलाने का काम कर रही है आशा ज्योति केन्द्र की सदस्य प्रियांजली मिश्रा और उनकी टीम। प्रियांजली मिश्रा आशा ज्याति केंद्र की काउंसलर हैं लेकिन वे पीड़ित महिलाओं के खिलाफ खड़े होने और उनका डटकर मुकाबला करने में पीछे नहीं हटती।

यह केंद्र न केवल पीड़ित महिलाओं को अत्याचारियों के चंगुल से बाहर निकालने का काम करता है बल्कि उन्हें जीने की नई उम्मीद देता है और उनका हौंसला बढ़ाता है। इसके अलावा यह केंद्र  उन्हें आत्म निर्भर बनाकर अपनी नई जिन्दगी की शुरूआत करना भी सिखाता है।

आशा ज्याति केंद्र की शुरुआत 

केंद्र की काउंसलर प्रियांजली मिश्रा ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केन्द्र की शुरूआत निर्भया काण्ड के बाद 8 मार्च 2016 को की गई थी, तभी से वे और उनकी टीम की बाकी सदस्य इसमें अपना भरपूर योगदान दे रही हैं। हांलाकि इस केन्द्र की शुरूआत 2013 में केंद्र सरकार  करने वाली थी लेकिन उसके पहले राज्य सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी। इस केन्द्र को भारत के 11 जिले में  शुरू किया गया है। चूंकि लखनऊ अपराध के मामले में सबसे पहले स्थान पर आता है इसलिये इनके ग्रुप को यहां भेजा गया। महिला सशक्तिकरण का ये मिशन खासकर उन महानगरों में चलाया जा रहा है जहां अपराधिक घटनाएं अधिक होती हैं।

आशा ज्याति केन्द्र का ये ग्रुप शुरूआत से ही पीड़ितों के लिए काम कर रहा है। इनकी यह टीम अब तक ऐसे 75 केन्द्रों  के लिये काम कर चुकी हैं। इस टीम की ये खासियत है कि ये किसी भी केस को तुरंत हल कर कार्यवाई करती है और आरोपी को जेल भिजवाती है । किसी भी महिला द्वारा 181 हेल्पलाइन नम्बर पर काॅल करने के बाद ये तुरंत रैस्क्यू वैन और अपनी टीम के साथ पीड़ित के पास पहुँचती है और पीड़िता को अपने साथ ले आती है। पीड़ितों के रहने का प्रबंध  केन्द्र द्वारा स्थापित संस्थान में किया जाता है ।

हर जिले में आशा ज्योति केन्द्र का सेटअप बन चुका है जहां सुविधाओं को देखते हुए सभी के रहने,खाने और टीम के काम आॅफिस अलग बनाया गया है। गाज़ियाबाद के एमएमजी अस्पताल  में भी आशा ज्योति केंद्र का एक सेटअप तैयार किया जाएगा जहाँ हर पीड़ित महिलाओं के रहने, खाने के साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें काम सिखाया जाएगा ।

इस केंद्र द्वारा न केवल पीड़ित महिलाओं को नए तरीके से जिंदगी की शुरुआत करने हौंसला दिया जाता है बल्कि इनकी अधिकांश कोशिश ये होती है की ये इनके परिवार के गलतफहमियों को दूर कर उन्हें प्यार से रहना सिखाएं । इन्होंने ऐसे कई केस सुलझाए हैं जिनमे परिवार की छोटी-मोटी गलतियों के कारण पति-पत्नी के बीच के मामले तलाक तक पहुँच जाते है जिसे वे समझा बुझाकर एक कर देते हैं । वहीँ  181 पर कॉल आने पर ये टीम महिला पुलिस और रेस्क्यू वैन के साथ पीड़िता द्वारा बताए पते पर पहुँचती है और उसकी मदद करती है, साथ ही आरोपी को जेल की हवा खिलाती है ।

मंडराता रहता है खतरा

आगे केंद्र की काउंसलर प्रियांजली मिश्रा ने बताया कि केस लेने के दौरान इन्हें  और इनकी टीम को कई बार जान से मारने की धमकी दी गई है और कई बार तो इनपर हमला भी हुआ है, इसके बवजूद भी इनकी टीम का साहस और जज्बा कभी कम नहीं हुआ, इनकी टीम ने पीड़ितों की हर संभव मदद की ।

गाज़ियाबाद के आशा ज्योति केंद्र के माध्यम पीड़ित महिलाओं के जो कार्य किया जा रहा है वो न केवल सराहनीय है बल्कि अन्य महिलाओ के लिए प्रेरणा का श्रोत है ।  इनके इस काम की सराहना उन पीड़ित महिलाओं से अधिक मिलती है जिन्हें इन्होंने अत्याचारियों के चंगुल से बचाया और  जीना सिखाया । इस काम में आशा ज्योति केंद्र की काउंसलर व समाजसेवी प्रियांजली मिश्रा,अर्चना सिन्हा, भगवती अधिकारी, तानिश्हा दिवाकर और दीपाली  मुख्य रूप से से अपनी भूमिका निभा रही हैं ।

हमारा गाज़ियाबाद की टीम आशा ज्योति केंद्र की टीम के द्वारा किये जाने वाले कार्यों को सलाम करती है और आपसे ये अपील करती है कि यदि आपके आस- पास किसी महिला को प्रताड़ित किया जा रहा है तो आप तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें । 

आशा ज्योति केंद्र – 181

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