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प्रशासन कर रहा लापरवाही, स्कूल बसों को सर्टिफिकेट देने का जिम्मा एक ही रीजनल इंस्पेक्टर के कंधे पर

प्रशासन कर रहा लापरवाही, स्कूल बसों को सर्टिफिकेट देने का जिम्मा एक ही रीजनल इंस्पेक्टर के कंधे पर

गाज़ियाबाद। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक जहां तरह-तरह की गाइडलाइंस बनाई जा रहीं हैं, वहीं इस बीच प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार स्कूल बसों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए संभागीय परिवहन कार्यालय में केवल एक ही संभागीय इंस्पेक्टर तैनात है। इन्ही के कंधे पर जिले के 1498 स्कूली बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का भार होता है।

ऐसे में अब स्कूली बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार एक ही रीजनल इंस्पेक्टर के लिए जिले की सभी बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करना बहुत मुश्किल होगा। वहीं रीजनल इंस्पेक्टर प्रेम सिंह का कहना है कि आरटीओ ऑफिस आने वाले हर वाहनों को चेकिंग के बाद ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।

सूत्रों के मुताबिक एआरटीओ (प्रशासन) विश्वजीत सिंह ने बताया कि जिले में रीजनल इंस्पेक्टर के 4 पद हैं, लेकिन यहां सिर्फ एक ही आरआई तैनात है। इसके बावजूद भी सभी स्कूली बसों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। अगर स्कूल बसों को फिटनेस सर्टिफिकेट देने में कोई लापरवाही बरती गई है, तो इसे चेक किया जाएगा।

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