ताज़ा खबर :
prev next

दिल्ली – मेरठ एक्सप्रेसवे, मुआवज़े में हुआ भारी घोटाला, अमीन ने बांटे रिश्तेदारों में करोड़ों रुपये

दिल्ली – मेरठ एक्सप्रेसवे, मुआवज़े में हुआ भारी घोटाला, अमीन ने बांटे रिश्तेदारों में करोड़ों रुपये

गाज़ियाबाद | दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए हुए जमीनों के अधिग्रहण में और उसके लिए मिलने वाले मुआवज़े में भारी घोटाले होने की सूचना है। इस घोटाले में जिला राजस्व विभाग के कई अमीन शामिल हैं। ऐसे ही एक मामले में एक अमीन ने नोटिस जारी होने के बाद भी अपने एक रिश्तेदार के नाम जमीन का बैनामा कराया और उसे ₹15 करोड़ का मुआवजा भी दिला दिया।

इस घोटाले का पता अपर जिला अधिकारी (एडीएम) – वित्त एवं राजस्व द्वारा की जा रही जाँच में हुआ है। एडीएम राजेश कुमार ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में घोटाले की पुष्टि हो गई है और उन्होंने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार को इस घोटाले से अवगत करा दिया है। इस जांच के घेरे में कई तत्कालीन बड़े अधिकारी भी आ गए हैं।

बता दें कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए डासना से लेकर मेरठ तक कई गावों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इसमें गाज़ियाबाद के 17 गाँव भी शामिल हैं। इन गाँवों में कुशलिया और नाहल गाँव भी है। भूमि अधिग्रहण का नोटिस जारी होने के बाद कुछ लोगों ने इन दोनों गांवों की जमीन खरीद कर सर्किल रेट से कई गुना ज्यादा रेट पर रजिस्ट्री करा ली। शिकायत है कि सर्किल रेट से कई गुना ज्यादा रेट को आधार मानकर ही 215 किसानों को मुआवजा तय किया गया है, जो नियमानुसार गलत है।

जैसे ही इस घोटाले का पता चला तो इसकी जांच के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी में एडीएम, सीडीओ और एडीएम (एलए) शामिल थे। कमेटी की जांच में ही अमीन का खेल समझ आया। इस अमीन ने अपने रिश्तेदारों के नाम रजिस्ट्री करा कर ₹15 करोड़ का मुआवजा भी दिलवा दिया। ये पैसा 12 रजिस्ट्रियों के माध्यम से दिलवाया गया। आश्चर्य की बात है कि इन सभी बैनामों पर खुद अमीन व एक एजुकेशन सोसायटी के अधिकारी गवाह बने हैं।

एडीएम राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और ऐसे कई नए घोटाले सामने आने की सम्भावना है। जांच की प्रगति के बारे में मंडलायुक्त को नियमित रूप से अवगत कराया जा रहा है।

हमारा गाज़ियाबाद के एंड्राइड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैंआप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो भी कर सकते हैं।