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कहाँ से लायें ईमानदार अधिकारी, योगी सरकार की है दुविधा भारी

कहाँ से लायें ईमानदार अधिकारी,  योगी सरकार की है दुविधा भारी

गाज़ियाबाद | भारी बहुमत से सत्ता में आये योगी आदित्यनाथ और उनकी कोर टीम इन दिनों अजीब दुविधा में है। भ्रष्टाचार को मिले बरसों के राजनैतिक संरक्षण के कारण अब उत्तर प्रदेश काडर में ऐसे आईपीएस और आईएएस अधिकारियों की भारी कमी हो गई है जिनकी ईमानदारी पर किसी को संदेह न हो।

ऐसा नहीं है कि प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों की कमी है, उनकी संख्या इतनी कम है कि यदि किसी एक भ्रष्ट अधिकारी को हटाना हो तो उसका रिप्लेसमेंट तलाशने के लिए दर्जनों अधिकारियों की फाइलें खंगालनी पड़ती है। वरीयता के आधार पर जिलाधिकारी और एसएसपी पद या उनके समकक्ष के ऐसे कई अधिकारी हैं जिनके खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय को लगातार भ्रष्टाचार की ख़बरें मिल रहीं है, मगर उचित रिप्लेसमेंट के अभाव में भ्रष्ट अधिकारियों को सिर्फ चेतावनी देकर ही काम चलाया जा रहा है।

राज्य केबिनेट के सूत्रों के अनुसार बहुत से अधिकारी ईमानदार तो हैं, मगर उनमें कार्यकुशलता और अनुभव की कमी के कारण उनकी नियुक्ति उन महत्वपूर्ण पदों पर नहीं की जा सकती है जहाँ अधिकारी को स्वविवेक से काम लेना होता है। इन अधिकारियों को अभी सीनियर अधिकारियों की देख रेख में तैयार किया जा रहा है। कुछ नए रंगरूटों को भी भविष्य के लिए इस तरह तैयार किया जा रहा है कि जल्द ही ईमानदार, कर्मठ और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों की एक फौज तैयार की जा सके। उत्तर प्रदेश कोटे के कुछ ऐसे अधिकारी जो अन्य राज्यों में डेपुटेशन पर हैं, उन्हें भी वापस बुलाने पर विचार किया जा रहा है। उम्मीद है ईमानदार अधिकारियों की यह खोज जल्द ही पूरी हो जाएगी।

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