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शाबाश गाज़ियाबाद: 74 वर्षीय लखपति इन्सान खुद को फिट रखने के लिए ठेले पर बेंच रहा है चने

शाबाश गाज़ियाबाद: 74 वर्षीय लखपति इन्सान खुद को फिट रखने के लिए ठेले पर बेंच रहा है चने

गाज़ियाबाद। दुनिया में कोई काम छोटा नही होता फिर चाहे वो सड़क किनारे बैठकर लोगों के जूते पॉलिश करना हो, भुट्टे बेचना हो, या अपनी चलती फिरती दुकान लेकर पानीपूरी बेचना हो। ऐसे काम करने वाले लोगों को समाज की ओछी मानसिकता रखने वालों की फ़िक्र नही होती, वो बस बेफिक्र अपनी जिन्दगी को जिए जा रहे होते हैं। समाज में कुछ ऐसे उदाहरण भी आपको मिलेंगे जिनके पास लाखों की संपत्ति होते हुए भी वो अपने शौक पूरे करने लिए अपने जीवन में बचे कुछ बसंत को खुशी-खुशी गुजारना चाहते हैं।

हमारा गाज़ियाबाद की टीम आज आपके साथ ऐसी शख्सियत की कहानी साझा करने जा रही है जो अमीर होते हुए भी केवल अपने जेब खर्च और शौक पूरे करने के लिए शहर की सड़कों पर चने और नमकीन बेंचता है। आलीशान बंगला, गाड़ी और लाखों की संपत्ति होने के बावजूद गौशाला फाटक के पास रहने वाले सुधीर सिंह चावला पिछले 45 सालों से यही काम कर रहे हैं। खास बात ये कि 74 वर्ष के होने के बावजूद अपने काम करने की उम्मीद नही छोड़ना चाहते।

सुधीर सिंह बताते हैं कि इन्होने 45 साल पहले एक बस हादसे में अपने हाँथ की कुछ हड्डियाँ खो दी। इससे पहले ये एक कारखाने में काम किया करते थे लेकिन इस हादसे के बाद ये काम करने के हिम्मत इनमे नही रह गई। इसके बाद 30 साल की उम्र में इन्होने अपने इसी पुश्तैनी काम को शुरु किया। धीरे-धीरे इनकी नमकीन, चना और अन्य खाद्य सामग्री की दुकान चल पड़ी। वर्तमान में इनकी घंटा घर पर इन्ही सामानों की एक बड़ी सी दुकान है। इसके अलावा गौशाला फाटक पर भी एक दुकान है।

मजे की बात ये कि अपने इसी काम से इन्होने अपने दो बेटों और एक बेटी की शादी भी की है। वर्तमान में इनका अपना घर है, दो चार बड़े-बड़े गोदाम हैं, कुछ एक को किराये पर भी ले रखा है। अपने इसी काम से आज की तारीख में सुधीर करोड़पति तो नही लेकिन लखपति जरुर हैं। सुधीर बताते हैं कि हमारे बेटे अब सड़क पर ठेला लेकर ले जाने से मना करते हैं लेकिन हम अपने शौक और अपने को इस उम्र में फिट रखने के लिए ये काम कर रहे हैं।

जीवन के इतने बसंत पार करने के बाद अपनी जिम्मेदारियों से पीछे न हटना खुद में एक मिसाल कायम करने वाली बात है। हमारा गाज़ियाबाद की टीम सुधीर सिंह चावला के इस संघर्ष भरे जीवन को सलाम करती है और आपसे भी अनुरोध करती है कि अगर आपके आसपास भी ऐसे लोग रहते हों जो दूसरों के लिए प्रेरणा बने तो उनकी कहानी हमें 9650358408 पर भेज दें।

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