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4 साल अधिक जी सकते हैं, यदि डब्ल्यूएचओ मानकों का करें पालन

4 साल अधिक जी सकते हैं, यदि डब्ल्यूएचओ मानकों का करें पालन

नई दिल्ली। भारत में अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के साथ प्रदूषण घटाने का अनुपालन हो तो यहां के लोग औसत से चार साल ज्यादा जी सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में द एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स में ये जानकारी दी गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में अगर लोग डब्ल्यूएचओ मानकों का पालन करें तो वह नौ साल ज्यादा जी सकते हैं। बता दें कि 2014 और 2015 में लगातार दो साल दिल्ली दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर थी। वहीं एनसीआर गाज़ियाबाद की स्थिति भी प्रदूषण के मामले में गंभीर है। ओद्योगिक क्षेत्रों के चलते आस पास का वातावरण जहरीली हवाओं का शिकार हो गया है।

जानकारी के मुताबिक  डब्लूएचओ का कहना है, वार्षिक एवरेज के स्तर को 70 से 20 µg/m3 से कम करने से वायु प्रदूषण से संबंधित मौतों में लगभग 15 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

सितंबर 2016 में आई WHO के आंकड़ों की रिपोर्ट के मुताबिक, PM2.5 के लिए वार्षिक पैमाना 10 µg/m3 और PM10 के लिए 20 µg/m3 तय किया गया। देश में नेशनल गाइडलाइन्स ने PM2.5 के लिए वार्षिक पैमाना 40 µg/m3 और PM10 के लिए 60 µg/m3 तय किया। बता दें कि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पुरुषों का औसन जीवन 67.3 है और महिलाओं का 69.6 है।

ईपीआईसी इंडिया के डायरेक्टर अनंत सुदर्शन ने कहा कि सरकारी स्तर पर वायु प्रदूषण की चर्चा स्वास्थ्य प्रभाव के संदर्भ में शायद ही कभी प्रेरित होती है। उन्होंने कहा, ‘लोगों को समझाया नहीं गया है कि आखिर क्यों हमें मानक का पालन करने की आवश्यकता है। साथ ही लोगों को भी समझना होगा कि मानक को पूरा न करने का मतलब कम साल जिंदा रहना है।

 

 

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