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घटते तालाबों का दुष्परिणाम, गाज़ियाबाद में इस साल सारसों का आया सिर्फ एक जोड़ा

घटते तालाबों का दुष्परिणाम, गाज़ियाबाद में इस साल सारसों का आया सिर्फ एक जोड़ा

गाज़ियाबाद | उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस की जनसँख्या पिछले तीन सालों से लगातार घट रही है। इस साल गाज़ियाबाद जिले में मुरादनगर के पास सारस पक्षियों का एकमात्र जोड़ा दिखाई दिया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण गाज़ियाबाद जिले के तालाबों में घटता जल स्तर है।

पड़ोस के जिले हापुड़ में इस साल वयस्क सारस पक्षियों के 29 जोड़े और करीब 10 बच्चे दिखाई दिए थे। बता दें कि सारस तालाबों और जलाशयों के आसपास की दलदली भूमि में रहना पसंद करते हैं। जिला वन अधिकारी बी पी सिंह का कहना है कि गाज़ियाबाद जिले में अब शायद ही कोई ऐसा स्थान बचा हो जिसे मानकों के अनुसार झील का दर्जा दिया जा सके। जहाँ तक तालाबों और छोटे जलाशयों का सवाल है, गाज़ियाबाद में 568 तालाब हैं जिनमें मोदीनगर के 336 और 232 गाज़ियाबाद के तालाब शामिल हैं।

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