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शाबाश गाज़ियाबाद: विपरीत परिस्थितियों में भी खुश रहने के तरीके जानते हैं हेलमेट बेचने वाले मोनू

शाबाश गाज़ियाबाद: विपरीत परिस्थितियों में भी खुश रहने के तरीके जानते हैं हेलमेट बेचने वाले मोनू

गाज़ियाबाद। जिन्दगी के उतार-चढ़ाव को दरकिनार कर जब इन्सान खुद को हर परिस्थितियों में खुश रहने के तरीके खोजने लगे तो उसका जीवन सच में दूसरों के लिए मिसाल बन जाता है। उन लोगों के लिए ऐसी ज़िन्दगियां प्रेरणा बन जाती हैं जो लोग थोड़ी सी नाकामी मिलने पर हताश हो जाते हैं।

इन्ही सब पहलुओं से जुड़ी और अपने जीवन के हर मोड़ पर खुश रहने वाले ऐसे ही एक सख्स की कहानी से हम आपको रुबरु करवाने जा रहे हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को खुश रखते हैं। ये कहानी है 30 वर्षीय मोनू की जो लालकुआं से भाटिया पुल जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे हेलमेट बेचते हैं। पिछले करीब 10 वर्षों से मोनू हेलमेट बेचने के ही पेशे में शामिल हैं। इनके दादा और परदादा भी हेलमेट बेचा करते थे।

अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लिए मोनू बताते हैं कि हमे किसी की नौकरी करना अच्छा नही लगता। हमारा काम छोटा है पर यही हमारी रोजी-रोटी है। इनका कहना है कि ये विपरीत परिस्थितियों में भी खुश रहना जानते हैं। लगभग हररोज इनके 2 या 4 हेलमेट बिक जाते हैं लेकिन जिस दिन नहीं बिकते उस दिन भी इनके ऊपर कोई फर्क नही पड़ता। शाम को घर जाते हैं और अपनी पत्नी के साथ खुशी-खुशी वक्त बिताते हैं।

मोनू के 2 छोटे बच्चे भी जिनको ये अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं। कभी-कभी किसी बात को लेकर परेशान भी हो जाते हैं, लेकिन इसका असर अपने छोटे से परिवार पर नही होने देते। मोनू आगे बताते हैं कि इन्हें कभी-कभी अपनी दुकान को लेकर परेशानी भी होती है, अक्सर जीडीए और नगरनिगम वाले आते हैं इनकी दुकान हटवा देते हैं। लेकिन इसका भी इन पर कोई फर्क नही पड़ता। दोबारा फिर से यहीं इनकी दुकान लग जाती हैं। ये कहते हैं कि हमने रोड पर कोई अतिक्रमण नही कर रखा है, जिससे किसी को भी कोई परेशानी हो।

अपनी इसी जिन्दगी में मस्तमौला रहने वाले मोनू अपने जैसे ही लोगों के लिए मसीहा बने हुए हैं। मोनू का ये जीवन खुद्दारी और ईमानदारी से भरा है। मोनू के इस जज्बे को हमारा गाज़ियाबाद की टीम सलाम करती है और आपसे भी अपील करती है कि यदि आपके भी आसपास ऐसे लोग रहते हों जो समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं, तो उनकी कहानी हमें hamaraghazibad100@gmail.com भेज दें।

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By हमारा गाज़ियाबाद संवाददाता : Friday 27 अप्रैल, 2018 13:59 PM