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संयुक्त जिला अस्पताल में भटकता रहा मरीज, नही आये डॉक्टर

संयुक्त जिला अस्पताल में भटकता रहा मरीज, नही आये डॉक्टर

गाज़ियाबाद। संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल की संवेदनहीनता एक बार फिर उजागर हुई है। यदि इस अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में कोई मरीज तात्कालिक उपचार के लिए आ जाए तो उसका इलाज संभव ही नही है। सोमवार को अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में कुछ ऐसी ही अव्यवस्था देखने को मिली। बुखार से काँपता एक मरीज यहाँ इलाज़ के लिए पहुंचा तो उसे बिना इलाज कराये ही यहाँ से वापस लौटना पड़ा और मजबूरन निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ा।

यहाँ के आपातकालीन विभाग के डॉक्टर अपनी कुर्सी छोड़कर कर गायब थे और मरीज कराह रहा था। डॉक्टर के बारे में पूछने पर बताया गया कि अभी आधे घंटे के भीतर आ जायेंगे। यानी मरीज के तत्काल इलाज के लिए इस वार्ड में डॉक्टर का मिलना मुश्किल है। हांलाकि मरीज की हालत ज्यादा खराब थी इसलिए दोबारा फिर डॉक्टर को बुलाने के लिए अनुरोध करना पड़ा। लेकिन इस बार भी ये कहकर टरका दिया गया कि डॉक्टर दौरे पर हैं पता नही कब आयेंगे।

यहाँ की नर्स ने बताया कि यदि आपको जल्दी है तो साधारण वार्ड में मरीज को दिखा सकते हैं वहां इलाज तत्काल हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कमरा नम्बर 2 या 10 में डॉक्टर जरूर मिल जायेंगे। जब मरीज को यहाँ लाया गया तो कहानी और भी बदतर थी। 10 नम्बर कमरे के डॉक्टर संजय तेवतिया भी अपनी कुर्सी से नदारद थे। इसके बाद जब बुखार से परेशान मरीज 2 नम्बर कमरे के बाहर पहुंचा तो यहाँ भी मरीजों की लम्बी लाइन लगी हुई थी। बता दें कि मरीज की हालत इतनी खराब थी कि उसका खड़ा होना भी मुश्किल था। ऐसे में लाइन में लगकर मरीज का इलाज करवाना असम्भव था।

अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही के चलते मरीज घंटो भटकता रहा और डॉक्टर अपनी मनमानी करते रहे। अस्पताल की अव्यवस्थाओं का ये रवैया मरीजों के लिए आये दिन घातक बना हुआ है लेकिन अस्पताल प्रशासन की नींद नही टूट रही। इस पूरे प्रकरण में आख़िरकार मरीज को निराशा ही हाथ लगी और उसे मजबूरन एक निजी अस्पताल में महंगी फीस देकर इलाज़ करवाना पड़ा। संयुक्त अस्पताल के डॉक्टरों की ये संवेदनहीनता निंदनीय है।

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