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कैसे चले सार्वजनिक शौचालय, महीनो से बंद पड़ा है महिला शौचालय और नही है पानी की व्यवस्था

कैसे चले सार्वजनिक शौचालय, महीनो से बंद पड़ा है महिला शौचालय और नही है पानी की व्यवस्था

गाज़ियाबाद। शहर की देखरेख और समस्याओं को निपटाने वाला नगर निगम न जाने कब नींद से जागेगा। नगर निगम चुनाव जितना नजदीक आ रहे हैं, निगम का रवैया उतना ही सुस्त होता जा रहा है। शहर की तमाम समस्याओं से नगर निगम केवल आंख मिचौली ही खेल रहा है। समस्याओं के समाधान का कहीं ओर-छोर नही दिख रहा है।

नगर निगम द्वारा शहर में बनाये गए शौचालय के निरीक्षण क्रम में आज हम आपको ले चलते हैं यादव नगर में बने सार्वजनिक शौचालय की यथास्थिति से अवगत कराने जो शायद सालों से अपनी दयनीय स्थिति बयां कर रहा है। ये सुलभ शौचालय बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र में यादव नगर इलाके के रामतीर्थ पार्क के पास स्थित है। नगर निगम ने इसको ठेके पर दे रखा है, इसके ठेकेदार महेंद्र दूबे हैं। बता दें कि बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र और शास्त्रीनगर के लगभग 6 सार्वजनिक सुलभ शौचालय ठेकेदार महेंद्र दूबे के ही मार्गदर्शन में चल रहे हैं। इनमे से कुछ की यथास्थिति से हम आपको पहले अवगत करा चुके हैं जो स्वच्छता की श्रेणी से कोसों दूर हैं।

रामतीर्थ पार्क का ये सार्वजनिक शौचालय एक महिला चलाती है। बाहर से तो सभी सार्वजनिक शौचालय एक जैसे लगते हैं लेकिन भीतर की कहानी कुछ और ही होती है। यही हालत इस सुलभ शौचालय की भी है। वर्षों से इसका देखभाल कर रही महिला ने बताया कि इसके टैंक की सफाई कई महीनों से नही हुई है। सफाई कर्मी भी हफ्तों से यहाँ नही आ रहा है। जब शौचालय के अन्दर जाकर यथास्थिति का जायजा लिया गया तो यहाँ की गंदगी स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रही थी। महीनों से बंद पड़ा महिला शौचालय, वाशबेसिन के टूटी हुई टंकी साथ में दरारें पड़ी हुई छत सारी कहानी बयां कर रही थी।

महिला और पुरुष दोनों वार्डों में 5 टॉयलेट सीट्स लेकिन चालू हालत में केवल 3 पायी गईं। इन 5 में से 2 में कबाड़ भर कर रखा गया है और बची हुई तीन भी स्वच्छता के नाम पर कई सवाल खड़े करती हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालय की बिल्डिंग भी मरम्मत की राह देख रही है। पता चला कि जिस एरिया में सार्वजनिक शौचालय है वो इलाका सूनसान है इसलिए लोग कम आते हैं।

अब सवाल यह उठता है कि यदि इस इलाके में लोग इसका उपयोग करने आते ही नही वहां इसकी क्या जरूरत है। जाहिर सी बात है नगर निगम शहर के इन शौचालयों की ताज़ा स्थिति से वाकिफ जरुर होगा लेकिन स्वच्छता के नाम बड़े-बड़े दावे करने वाला निगम इनकी सुध कब लेगा ये वक्त ही बताएगा।

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