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सरकारी स्कूल को गोद ले सुधारी दशा-दिशा, अनूठी पहल कर रहे हैं फ़िरोजाबाद के एसपी अजय पाण्डेय

सरकारी स्कूल को गोद ले सुधारी दशा-दिशा, अनूठी पहल कर रहे हैं फ़िरोजाबाद के एसपी अजय पाण्डेय

फ़िरोज़ाबाद। शिक्षा मानव जीवन का अभिन्न अंग है। यह अमीर-गरीब के फर्क को मिटा देती है। एक तरह जहाँ अमीरों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं तो दूसरी तरफ सरकारी स्कूल गरीब जन का सहारा बनते हैं। लेकिन अफ़सोस है कि, आज सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था खोखली साबित हो रही है।

पढ़ाई-लिखाई, अध्यापकों की योग्यता, जर्जर भवन, साफ़ सफाई जैसे तमाम मुद्दों को लेकर सरकारी स्कूल बदहाली की स्थिति से गुजर रहे हैं। इसके लिए सरकारें लगातार योजनायें बनाती रही हैं। लेकिन उनको लागू करने वाले अधिकारियों की उपेक्षा के कारण उन योजनाओं की खनक धरातल पर कम ही देखने को मिलती है। ऐसे में हम हमेशा सिस्टम को ही जिम्मेदार ठहराते रहे हैं।

लेकिन इन सभी समस्याओं के बावजूद इसी सिस्टम से ऐसे लोग निकल कर सामने आ रहे हैं जो न कि, शिक्षा के क्षेत्र में अपना अतुलनीय सहयोग कर रहे हैं बल्कि अन्य लोगों के लिए एक नजीर पेश कर रहे हैं। आपको मिलवाते हैं प्रशासनिक सेवा के एक ऐसे अधिकारी से शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान के साथ दूसरों को प्रेरणा भी दे रहे हैं।

दरअसल यूपी में शिक्षा का जो हाल है वह किसी से छिपा नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में छाई इस बेबसी को दूर करने के लिए यूपी के फ़िरोजाबाद की डीएम नेहा शर्मा ने जिले में अपने स्तर पर एक अनूठी शुरूआत की। उन्होंने जिले के अधिकारीयों से एक-एक सरकारी स्कूल गोद लेकर उनकी दशा-दिशा सुधारने की अपील की। उनकी अपील पर जिले में विभिन्न अधिकारियों के द्वारा 108 सरकारी स्कूल गोद लिए गए। इन विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई, साफ-सफ़ाई, की पूरी ज़िम्मेदारी इन अधिकारियों ने उठाई है।

डीएम की अपील पर फिरोजाबाद के एसपी अजय कुमार पाण्डेय ने भी कन्या पूर्व-माध्यमिक विद्यालय मक्खनपुर को गोद लिया। बदहाली के दौर से गुजर रहे इस स्कूल की दशा-दिशा को सही रूप में लाने के लिए प्रयास करने शुरू कर दिए गए। सबसे पहले स्कूल में जन-सहयोग से टूटी फूटी दीवारों को ठीक कराया गया। स्कूल की फ़र्श पर टाइल्स लगवाई गई। टायलेट और रसोई घर की भी मरम्मत करवाई गई। इसके बाद पूरे स्कूल का रंग-रोगन करवाया गया।

स्कूल में पहले लड़कियों के बैठने के लिए टाट-पट्टी की व्यवस्था थी। इसके लिए एसपी ने आवश्यकतानुसार डेस्क की व्यवस्था की। स्कूल की खली पड़ी दीवारों पर महापुरुषों के चित्र और उनके द्वारा कहे गए सद्वाक्यों को उकेरा जा रहा है।

स्कूल में पढ़ाई-लिखाई का स्तर सुधारने के लिए विभिन्न प्राइवेट स्कूलों से सहयोग लिया जा रहा है। जिसमे “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बच्चों को रोज अच्छा खाना दिया जा रहा है। साथ ही उनके लिए ड्रेस, कॉपी, किताब की भी व्यवस्था की जा रही है। इन प्रयासों के बाद जिले में शिक्षा व्यवस्था के सुधरने की उम्मीद बढ़ गई है।

डीएम नेहा शर्मा और एसपी अजय पाण्डेय के इस सराहनीय कदम की पूरे जिले में खूब चर्चा हो रही है। साथ ही डीएम की इस नई पहल और संवेदनशील प्रयास की लोग हौसला अफजाई भी कर रहे हैं। ऐसे कार्यों को देखकर लगता है कि काश: देश के सभी प्रदेशों में ऐसे ही अधिकारी आ जाएं और समाज के हितकारी कार्यों को नई दिशा दें तो समाज में बदलाव जरूर शुरू हो जायेगा।

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