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टूटी-फूटी टॉयलेट सीट के भरोसे चल रहा सुलभ शौचालय, कब टूटेगी नगर निगम की नींद

टूटी-फूटी टॉयलेट सीट के भरोसे चल रहा सुलभ शौचालय, कब टूटेगी नगर निगम की नींद

गाज़ियाबाद। शहर को स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ने के लिये पूरे शहर में अक्सर तरह-तरह के तरीके अपनाए जाते हैं, अभियान चलाकर लोगों को जागरुक किया जाता है। लेकिन इन सबके बावजूद हॉट सिटी कहा जाने वाला अपना गाज़ियाबाद स्वच्छता अभियान के निचले पायदान पर भी ठहरता नही दिखाई दे रहा।

हर रोज की तरह नगरनिगम द्वारा संचालित शहर के सुलभ शौचालयों के निरीक्षण के क्रम में आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे शौचालय के बारे में जिसके बाहर बोर्ड पर “सुलभ इंटरनेशनल” लिखा हुआ है लेकिन अन्दर से ये किसी मायने में नेशनल भी नहीं लगता। लेबर चौक के सामने स्थित आम जनता के लिए बनाये गये इस सुलभ शौचालय में बने महिला स्नानघर का दरवाजा उनकी सुरक्षा के नाम पर कई सवाल खड़ा करता है। दरअसल इस स्नानघर के दरवाजे में एक होल बना हुआ है जिसमें बाहर से अन्दर साफ़ देखा जा सकता है। स्नानघर की यह स्थिति देखकर साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है कि शायद ही महिलाएं इसका उपयोग करने जाती होंगी।

वहीं दूसरी तरफ़ पुरुष वार्ड की भी यथा स्थिति अपने आप में कई सवाल पैदा कर रही थी। यहाँ पुरुषों के लिए बनाई गई कमोड सीट पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और साथ में इसे कूड़ा घर भी बना कर रखा गया है। यहाँ दो यूरिनल भी बने हैं लेकिन एक को निकालकर अलग रख दिया गया है और दूसरे में भी पानी नही आता है। पानी के संबंध में पूछने पर पता चला कि यहाँ बिजली की समस्या रहती है। यहाँ फैली गंदगी भी लोगों को यहाँ आने के लिए एक बार रोकती जरुर होगी।

सुलभ शौचालय की देखरेख कर रहे प्रमोद सिंह ने बताया कि आउटर पर होने के चलते यहाँ महिलाएं कम आती हैं। लेकिन महिलाओं के न आने और शौचालय में फैली अव्यवस्थाओं का क्या संबंध बैठता है ये बात समझ से बाहर है। सुलभ शौचालय की इस ताज़ा स्थिति देखकर साफ़ पता चलता है कि शायद ही नगर निगम का कोई अधिकारी इसका निरीक्षण करने के लिए आता होगा। फिलहाल देखना ये है कि हमारा गाज़ियाबाद टीम द्वारा आम जनता और शहर के भले के लिए चलाई गई इस मुहिम में नगर निगम कहां तक सार्थक बनता है।

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