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महिला शौचालय को बना रखा है कबाड़ खाना, किस काम का सार्वजनिक शौचालय

महिला शौचालय को बना रखा है कबाड़ खाना, किस काम का सार्वजनिक शौचालय

गाज़ियाबाद। नगरनिगम के लापरवाही के चर्चे आये दिन सुर्खियों में आना कोई बड़ी बात नही है। कभी शहर की सड़कों की समस्या, घरों में पानी न मिलने की समस्या, सीवर लाइन की समस्या व अन्य तमाम समस्याओं की खबरों से हम आपको रोजाना रूबरु करवाते हैं। इन सबके बाद भी नगर निगम अधिकारियों के कानों तक जूं तक नहीं रेंगती। निगम के इस ढुल-मुल रवैये का खामियाजा शहर की आम जनता को ही भुगतना पड़ता है।

पिछले कई दिनों से हमारा गाज़ियाबाद की टीम आपको नगरनिगम की लिस्ट में शामिल शहर में चल रहे सुलभ शौचालयों की यथा स्थिति से अवगत करा रही है। इनमें कुछ ऐसे शौचालयों की ताज़ा स्थिति का बारे में आपने पढ़ा जो स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर कई सवाल खड़ा करते हैं। इसी क्रम में आज हम आपको ऐसे सुलभ शौचालय से अवगत कराने जा रहे हैं जिसकी अव्यवस्था के बारे पढ़कर आप बहुत कुछ सोचने पर मजबूर हो जायेंगे।

बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित वार्ड-67 विवेकानन्द नगर फ्लाईओवर के नीचे बने इस सुलभ शौचालय की स्थिति बाहर से लेकर अंदर तक बड़ी ही अजीब है। नगरनिगम द्वारा ठेके पर दिए गये इस शौचालय के बाहर बने दो पेशाब घर महीनों से क्षतिग्रस्त पड़े हैं। शौचालय के बाहर पसरी गंदगी और कूड़ा भयंकर बीमारियों का सबूत दे रहा है। शौचालय की बिल्डिंग भी जर्जर अवस्था में है जिसे सही कराने की जरुरत नगरनिगम नही समझ रहा।

ठेकेदार महेंद्र दूबे की देखरेख में चल रहे इस सुलभ शौचालय में घुसते ही आपको बिना दरवाजे के महिला स्नानघर में सफाई कर्मी के कपड़े टंगे दिखाई देंगे। चार महिला शौचालय भी बने हैं जिसमे एक का दरवाजा गायब है दूसरे में कबाड़ भर रखा है। कुछ की कुंडी गायब है तो कुछ गंदगी के नाम पर धब्बा बने हुए हैं। पुरुष वार्ड की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। न तो बाहर हाथ धोने के व्यवस्था और नलों में पानी भी नदारद। पानी की व्यवस्था के बारे में पूछने पर पता चला कि पिछले तीन दिन से इलाके का ट्रांसफार्मर खराब है। जब ट्रांसफार्मर सही होगा तब पानी की व्यवस्था हो पाएगी।

फिलहाल पानी के लिए सुलभ शौचालय के पड़ोस में लगे सरकारी नलकूप से काम चलाया जा रहा है। अचरज की बात ये है कि जिस स्थान पर नलकूप लगा हुआ है उसके पास कूड़े का बड़ा सा ढेर लगा हुआ है। यहाँ बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पानी भी पीते हैं। इस बात से ये अंदाजा साफ़ लगाया जा सकता है कि यहाँ के स्थानीय लोग भविष्य में भयंकर बीमारियों का शिकार होने वाले हैं। जाहिर सी बात है इस सुलभ शौचालय की इतनी सारी खामियों से नगरनिगम वाकिफ़ जरुर होगा लेकिन क्या सच में निगम इस शौचालय का सुधार कर पायेगा, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

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