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हज हाउस मामला : दंगा भड़काने के आरोप में महिला कांग्रेस नेता गिरफ़्तार

हज हाउस मामला : दंगा भड़काने के आरोप में महिला कांग्रेस नेता गिरफ़्तार

गाज़ियाबाद। हज हाउस पर लगे ताले को खोलने को लेकर हुए बवाल के बाद पूरा मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। हज हाउस को खोलने की माँग को लेकर हुए बवाल के बाद लोकल इंटेलीजेंस यूनिट सतर्क हो गई है। पुलिस अधीक्षक नगर आकाश तोमर ने बताया कि, थाना प्रभारी सहिबाबाद को वादी बनाकर दंगा भड़काने और पुलिस कर्मी पर जानलेवा हमला करने के मामले में 11 लोगों के खिलाफ नामजद और 400 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में कांग्रेस नेता पूनम चड्ढा, नसीम खान और समीर अली को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोमवार शाम एक बार फिर पुलिस और धरना दे रहे लोगों के बीच बहस शुरू हो गई थी। पुलिस प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए पहुंची थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज कर वहां से खदेड़ने की कोशिश की। लेकिन तबतक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान महिला कांस्टेबल समेत 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने हज हाउस कैंपस को खाली करवाया। मालूम हो कि, यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट इस हज हाउस को एनजीटी का फैसला आने तक बंद किया गया है।

सपा की बोई बबूल पर उग रहे कांटे

गौरतलब है कि, सपा शासनकाल में वोट बैंक को सम्हालने के लिए सरकार ने जो बेवकूफी दिखाई उसका नतीजा आज सबके सामने इस बवाल के रूप में हाजिर है। दरअसल हज हाउस जिस जमीन पर बना है वह हिंडन की है, सिंचाई विभाग ने 1873 के गजट के अनुसार इसे अपनी जमीन बताते हुए 2005 में यूपी हज हाउस समिति को लीज पर दे दी। तत्कालीन राज्यपाल की सहमती के बाद जब सिंचाई विभाग के उप सचिव ने आदेश जारी किए तो हंगामा शुरू हो गया।

कुछ हिन्दू संगठन और वकीलों ने सपा सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन कोई ठोस सुबूत नहीं मिलने पर अदालत ने याचिका ख़ारिज कर दी। इसके बाद युद्धस्तर पर हजहाउस का निर्माण शरू करा दिया गया और हज समिति ने 550 लोगों की क्षमता दर्शाते हुए प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी भी ले ली।

हालाँकि जब बाद में मामला गर्माया तो एनजीटी की शरण ली गई। एनजीटी में हिंडन नदी के तट पर बनाए जा रहे हज हाउस को नियमविरुद्ध बताया गया। जवाब में जब हज समिति द्वारा हज हाउस की खतौनी दिखाई गई तो मामला सही पाया गया। एनजीटी में दायर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हज हाउस पर ताला लगा दिया गया।

राजनीतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस कार्यकर्ता

कल रात हुए बवाल को हवा दे रही कांग्रेस कार्यकर्ता पूनम चड्ढा और नसीम खान दोनों मिलकर शहर में अपनी जमीन बनाने में जुटे हैं। ऐसे में जब सपा इस मामले को लेकर कोई विशेष प्रेम नहीं  दिखा रही है तो इसी बहाने मुस्लिम समाज की सांत्वना पाने के लिए लोगों की भीड़ इकठ्ठा कर हज हाउस के सामने धरना देने  ये लोग पहुँच गए और जब प्रशासन ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की तो बवाल शुरू कर दिया।

जबकि नियमों के तहत देखा जाए तो जब मामले की सुनवाई एनजीटी में चल रही है तो फ़ैसला आने तक इस पर कोई कदम नहीं उठाये जाने चाहिए। लेकिन राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को इकठ्ठा कर नियमविरुद्ध काम करना कहीं न कहीं उनके पूरे उद्देश्य की को सबके सामने लाकर रख रहा है।

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