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प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और निगम के आयुक्तों पर सरकार की नजर टेढ़ी, 10 से माँगा स्पष्टीकरण

प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और निगम के आयुक्तों पर सरकार की नजर टेढ़ी, 10 से माँगा स्पष्टीकरण

गाज़ियाबाद। जन शिकायतों के समय से समाधान में हो रही देरी को लेकर कुछ दिन पहले विभिन्न जिलों के डीएम और एसपी से ज़वाब मांगने के बाद अब प्रदेश के 10 सबसे ख़राब विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और नगर निगमों के नगर आयुक्तों से स्पष्टीकरण की माँग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन-शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के सम्बन्ध में विकास प्राधिकरणों और नगर निगमों की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही।

उन्होंने कहा, जन-शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाई होगी। मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि वे इन अधिकारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुए जन-शिकायतों के समाधान में अपेक्षित गति लाया जाना सुनिश्चित करें।

जन शिकायतों के समय से समाधान में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 10 विकास प्राधिकरणों में लखनऊ, गाज़ियाबाद, कानपुर, सहारनपुर, झाँसी, मेरठ, आगरा, इलाहाबाद, गोरखपुर, तथा गौतमबुद्धनगर विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और गाज़ियाबाद, कानपुर, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, झाँसी, आगरा, बरेली, इलाहाबाद तथा सहारनपुर नगर निगमों के नगर आयुक्त शामिल हैं।

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By दुर्गेश तिवारी : Tuesday 26 सितंबर, 2017 05:41 AM