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तीन तलाक से बचने के लिए मुसलमान युवती ने रचाई हिन्दू युवक से शादी

तीन तलाक से बचने के लिए मुसलमान युवती ने रचाई हिन्दू युवक से शादी

जोधपुर | तीन तलाक मुद्दे पर अभी देशभर में बहस छिड़ी हुई है। हर कोई अपनी-अपनी राय दे रहा है। ऐसे में राजस्थान के जोधपुर में तीन तलाक के विरोध का कुछ अलग नजारा देखने को मिला। यहां एक मुस्लिम युवती तीन तलाक से तंग आकर एक हिंदू लड़के से शादी कर ली। खास बात यह रही कि युवती ने हिंदू रीति रिवाजों से शादी की है। यह पूरा मामला जोधपुर से करीब 150 किलोमीटर दूर फलोदी का हैं। यहां तस्लीमा ने तीन तलाक की कुप्रथा से अजीज आकर अपने साथी आशीष पुरोहित से मन्दिर में शादी कर ली है। शादी रचाने के बाद तस्लीमा ने कहा कि उसे हिन्दू धर्म बचपन से पसंद है। यह धर्म सुरक्षित है और महिलाओं का सम्मान करता है।
मुस्लिम युवती ने कहा कि हिंदू रीति रिवाजों से शादी करके मुझे काफी अच्छा लग रहा है। अब तक मैं अपनी जिंदगी से खुश नहीं थी, लेकिन अब मैं काफी खुश हूं। विवाहित युवती ने कहा कि हिंदू धर्म ही एक ऐसा धर्म है जो समाज में अपनी पत्नी के अलावा दूसरी लड़कियों को बहन और बेटियों की तरह देखता है। लेकिन मुस्लिम धर्म में ऐसा नहीं है। मुस्लिम समाज में लड़की की मर्जी पूछे बगैर ही उसकी शादी कर दी जाती है।
फलोदी में हुई ये शादी शहर में चर्चा का विषय भी बन चुकी है। दोनों प्रेमी युगल के विवाह की खबर के बाद जोड़े को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।
बता दें, मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन’ (बीएमएमए) ने हाल ही में तीन तलाक की व्यवस्था को खत्म करने की मांग को लेकर देश भर से 50,000 से अधिक महिलाओं के हस्ताक्षर लिए और राष्ट्रीय महिला आयोग से इस मामले में मदद मांगी। बीएमएमए की संयोजक नूरजहां सफिया नियाज का कहना है, ‘मुस्लिम महिलाओं को भी संविधान में अधिकार मिले हुए हैं और अगर कोई व्यवस्था समानता और न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है तो उसमें बदलाव होना चाहिए।’

(साभार – जनसत्ता)

By हमारा गाज़ियाबाद संवाददाता : Monday 25 सितंबर, 2017 09:54 AM