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ग्रीन कोर्ट के आदेशों में निगमकर्मी ही लगा रहे हैं पलीता

ग्रीन कोर्ट के आदेशों में निगमकर्मी ही लगा रहे हैं पलीता

गाज़ियाबाद | राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) पिछले काफी समय से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार बढ़ते प्रदूषण की समस्या को लेकर सख्त है. दिसंबर माह में NGT के चेयरमैन जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने एक आदेश जारी कर देश में कहीं भी कूड़ा जलाने के अपराध में लगने वाले जुर्माने को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया था. हरित अदालत के आदेश में स्थानीय निकायों को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वे अपने कार्यक्षेत्र में कूड़ा जलाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के विरुद्ध कार्यवाही करें और जुर्माना वसूलें.

हमारे गाज़ियाबाद में यह जिम्मेदारी गाज़ियाबाद नगर निगम को दी गई और शहर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के यादव को इसका नोडल अफसर बनाया गया. मगर आप को जानकर ताज्जुब होगा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों का सबसे ज्यादा उल्लंघन खुद गाज़ियाबाद नगर निगम के सफाई कर्मचारी ही कर रहे हैं और निगम उन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है.

शहर के हर गली और मोहल्ले में निगम के सफाई कर्मचारियों ने कुछ ऐसे स्थान चुन रखे हैं जहाँ वे हर रोज इलाके के कूड़े और पेड़ों से टूटी पत्तियों को एकत्र कर उनमें आग लगा देते हैं. संजय नगर में nitra के पास जी और पी ब्लॉक में, कवि नगर में पुलिस चौकी के पास, राज नगर में सेक्टर 10 और 14 की मार्किट के पास, कौशाम्बी में बस अड्डे के पास, इंदिरापुरम और वसुंधरा में लिंक रोड के पास अनेकों ऐसे स्थान बने हैं जहाँ कूड़ा जलाया जा रहा है.

ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जब खुद नगर निगम के कर्मचारी ही अदालत के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं तो शिकायत किस से की जाये. हमने जब इस संबंध में नगर निगम से बात करनी चाही तो नगर आयुक्त अब्दुल समद का मोबाईल 9582092704 कई बार ट्राई करने पर भी स्विच ऑफ आ रहा था जबकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी और नोडल ऑफिसर डॉ. आर.के. यादव के मोबाईल नंबर 8802159400 पर लगातार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला.