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राष्ट्रीय सैनिक संस्था ने सियाचिन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय सैनिक संस्था ने सियाचिन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

गाज़ियाबाद। आज गुरूवार को राष्ट्रीय सैनिक संस्था की गज़ियाबाद इकाई की एक विशेष बैठक में सियाचिन में बर्फीली दीवार के गिरने से शहीद हुए सिपाहियों को श्रद्धांजलि दी गई और लांस नायक हनुमानथप्पा को भी श्रद्धांजलि दी गई।

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी ने कहा कि लांस नायक हनुमानथप्पा कर्नाटक का रहने वाला था जहां न्यूनतम तापमान शायद ही कभी 15 डिग्री से नीचे जाता हो। यह सिपाही सियाचिन के उस क्षेत्र में था जहां रात का तापमान -50 डिग्री तक भी चला जाता है। शेष रह जाता है तो केवल खून का जमना। लांस नायक हनुमानथप्पा जैसे सिपाहियों की सुविधाओं के बारे में निर्णय वो लोग लेते हैं जिन्होंने आजीवन रणभूमि के ग्राउण्ड बंकर में एक रात भी नहीं गुजारी। बस ये तसल्ली है कि लांस नायक हनुमानथप्पा के लिए देशभर में प्रार्थनायें सभायें हुईं परन्तु नेताओं के लिए ऐसा नहीं होता।

राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय सचिव गौरव सेनानी राजेन्द्र बगासी, कोषाध्यक्ष पीपी सिंह ने जानकारी दी कि सियाचिन में खतरे के स्तर का अनुमान इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यदि 10 सिपाही एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते हैं तो उन्हें आपस में एक कड़ी रस्सी से बांधा जाता है। सिपाही मरे या न मरे परन्तु एक लम्बे समय तक मौत और दुश्मन के साये में जीता है।

एडवोकेट सुदीप साहू, शीशपाल शिशौदिया, राजेश्वर त्यागी, विक्रम सिंह रावत, कुलदीप राय ने एक स्वर में कहा कि हम देशभक्त और पूर्व सैनिक सरकार से निम्नलिखित चार मांग करते हैं:

1     हमारे संगठन को आतंकियों के स्लीपिंग सेल और उनके हिमायतियों को चिन्हित करने की अधिकृत जिम्मेदारी दी जाये।
2     मांग करते हैं कि प्रतिवर्ष सेवानिवृत्त होने वाले 70 हजार गौरव सेनानियों में से कुछ को वो जिम्मेदारी दी जाये जो पाकिस्तान अपने नॉन स्टेट ऐक्टर्स को देता है।
3     सैनिकों की ऑपरेशनल ऐरिया में व्यक्तिगत सुरक्षा (बुलटप्रूफ जैकेट, एन्टी माइन शूज, नाईट विज़न डिवाइसेज़ आदि) को प्राथमिकता दी जाये।
4     जिन 150 सिपाहियों और डॉट और मिशा नाम के स्नीफर डॉग ने शहीदों को 35 फुट गहरी बर्फ से निकाला है उन्हें सरकार सम्मानित करे। उन्होंने कहा कि सरकार सम्मानित करे या न करे, राष्ट्रीय सैनिक संस्था 20 मार्च 2016 को नागपुर में अपने 11वें राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें अवश्य सम्मानित करेगा।

राष्ट्रीय सैनिक संस्था देशभक्त नागरिकों और पूर्व सैनिकों का 15 वर्ष पुराना ऐसा संगठन है जिसकी छोटी-छोटी इकाईयां देश के 22 प्रदेशों में कार्यरत हैं। इस संगठन की पहचान-“हथियार” और उद्देश्य- “जय हिन्द”है।

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By हमारा गाज़ियाबाद ब्यूरो : Tuesday 26 सितंबर, 2017 18:22 PM