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पौधे उगाने के लिए नारियल के खोल का इस्तेमाल, प्लास्टिक-फ्री शहर बनाने की दिशा गुजरात के इस जिले से सीखें सबक

पौधे उगाने के लिए नारियल के खोल का इस्तेमाल, प्लास्टिक-फ्री शहर बनाने की दिशा गुजरात के इस जिले से सीखें सबक

वडोदरा | देश के सभी महानगरों की तरह ही गाज़ियाबाद में भी कच्चा नारियल मिलना अब को बड़ी बात नहीं है। शहर भर में सड़कों के किनारे लगे ठेलों पर आसानी से ताज़ा नारियल और नारियल पानी मिल जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कच्चे नारियल का खोल प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने में भी कारगर हो सकता है।

गुजरात में छोटा उदयपुर जिले के वन विभाग ने एक नयी पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक के इस्तेमाल को खत्म करना और शहर से एकत्र होने वाले कचरे का प्रबंधन करना है। दरअसल, अभी तक वन विभाग बीज से छोटे पौधे उगाने के लिए कम माइक्रोन वाली प्लास्टिक बैग इस्तेमाल करता था। लेकिन कुछ समय पहले से उन्होंने इसके लिए नारियल के खोल (शेल) का इस्तेमाल करना शुरू किया है। यह सुझाव छोटा उदयपुर के जिला अधिकारी सुजल मयात्रा ने दिया।

सुजल ने बताया कि नर्सरी भले ही हमारा काम नहीं है, लेकिन हमारे स्वच्छता अभियान के दौरान बहुत से नारियल के खोल इकट्ठे हुए थे। इससे मेरे दिमाग में यह ख्याल आया और मैंने यह सुझाव दिया। इससे पौधा लगाने के साथ-साथ कचरा प्रबंधन में भी आसानी होगी और हम अपने छोटा उदयपुर जिले को प्लास्टिक-फ्री बना पायेंगें।

शुरुआत में वन-विभाग ने नीलगिरि, तुलसी और अन्य सात तरह के 1500 पौधे नारियल के खोल में उगाये। वन विभाग के डिप्टी कंज़र्वेटर, एस. के. पवार ने बताया कि इस खोल को नीचे से काट दिया जाता है ताकि पौधे को नारियल-खोल के साथ ही जमीन में लगाया जा सके। जड़ों के बढ़ने के लिए भी पर्याप्त जगह होती है। इसके अलावा नारियल के खोल बायोडीग्रेडेबले होते हैं, तो पौधे को कोई नुकसान भी नहीं होता। अगले महीने शहर में आयोजित होने वाले ‘वन-महोत्सव’ में सभी नागरिकों को ऐसा एक पौधा भेंट में दिया जाएगा। वन-विभाग और भी अलग-अलग प्रजाति के पौधे इसी तरह से उगाने की सोच रहा है। ताकि प्लास्टिक का इस्तेमाल खत्म किया जा सके।

तो क्यों न हम छोटा उदयपुर से प्रेरणा लेकर अपने शहर को प्लास्टिक फ्री बनाए। अगली बार जब आप नारियल पानी पियें तो उसके खोल को फेंकने की बजाय घर पर लाकर उसमे कोई पौधा लगा दें। बाद में आप यह पौधा किसी बगीचे में लगा सकते हैं या फिर दोस्तों-रिश्तेदारों को उपहार में दे सकते हैं।

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