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गाज़ियाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बैटरी चोरों का बड़ा गिरोह, हर महीने चुराते थे ₹2 करोड़ की बैटरियाँ

गाज़ियाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बैटरी चोरों का बड़ा गिरोह, हर महीने चुराते थे ₹2 करोड़ की बैटरियाँ

गाज़ियाबाद | गाज़ियाबाद पुलिस ने मोबाइल टावरों से बैटरी चुराने वाले चोरों के एक बड़े गिरोह को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। पकड़े गए चोर हर महीने जियो के मोबाइल टावरों से करीब दो करोड़ रुपए की बैटरी चुराते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी इंजीनियर बनकर टॉवरों से बैटरियां चोरी करते थे। पकड़े गए चारों आरोपियों के पास से 102 ई-रिक्शा और 48 सेल की करीब 40 बैटरी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक देश भर में करीब नौ हजार रिलायंस जियो के टावरों से नौ हजार बैटरी चोरी हो चुकी हैं, जिनमें से अधिकतर चोरी इस गिरोह ने ही की हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली कि टावर से बैटरी और ई- रिक्शा चोरी करने वाला गिरोह लोनी के राशिद अली गेट पर आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने शनिवार रात 11:30 बजे राशिद अली गेट से चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें मैहराज खान, शेरखान, अरशद निवासी नई बस्ती, लोनी और दिलशाद निवासी मेरठ हैं। जांच में ऑटो और ई रिक्शा चोरी का पाया गया। आरोपियों की निशानदेही पर मैहराज के घर से करीब 102 ई- रिक्शा, 40 बैटरियां और बैटरी को काटने का सामान बरामद किया गया है। आरोपी बैटरी और ई-रिक्शा मिलाकर एक महीन में करीब दो करोड़ रुपये की चोरी करते थे।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना मैहराज खान है। जिन घरों में टावर लगे हैं, वहां मैहराज इंजीनियर, और उसके साथी कंपनी के कर्मचारी बनकर जाते थे। मौके से मैहराज फर्जी फोन नंबर पर बात करता और लोगों को गुमराह करते हुए कहता था कि मैं बैटरी ठीक करने आया हूं, आप कहां हो, मैं बैटरी लेकर जा रहा हूं, कोई परेशानी हो तो फोन पर बता देना। चोरी की गई बैटरी को खोल कर उसके सेल अलग कर देते थे। इसके बाद चोरी किए गए ई- रिक्शा में सेल लगाकर बेच देते थे या किराये पर चलवाते थे। यह लोग ढाई साल में मुजफ्फरनगर, अहमदाबाद, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, पंजाब , गुजरात, हिमाचल और दिल्ली क्षेत्रों में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने बदमाशों से एक ऑटो, 39 बैटरी समेत अन्य सामान, 102 ई- रिक्शा, पांच किलोग्राम का एक गैस सिलेंडर, सात छोटे बैटरी चार्जर, तीन बड़े चार्जर, दस एसीएम, गलैंडर मशीन आदि बरामद किए। बता दें कि मोबाइल टावरों में लगने वाली बैटरी में 48 सेल होते हैं जबकि ई रिक्शा की बैटरी में सिर्फ 2 सेलों से ही काम चल जाता है। बाजार में मोबाइल टावर की बैटरी का मूल्य लगभग पौने दो लाख रुपये हैं।

पुलिस के मुताबिक बरामद बैटरियों के नंबर विभिन्न प्रदेशों में लगे टावरों के हैं। इनमें लुधियाना, अहमदाबाद, मेरठ, हिमाचल, चंडीगढ़, दिल्ली, नोएडा हैं। देश के विभिन्न प्र्रदेशों में टावरों से बैटरी चोरी के मुकदमें दर्ज हैं। अनुमान लगाया जा रहा है अधिकतर चोरी इसी गिरोह ने की है। इस मामले में जांच की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने कहा कि लोनी पुलिस टीम ने देश भर में बैटरी चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ा है। इसके लिए लोनी पुलिस टीम को 10 हजार रुपये नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

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