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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह: गिफ्ट में दुलहन को नकली सामान दिया तो जाएंगे जेल

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह: गिफ्ट में दुलहन को नकली सामान दिया तो जाएंगे जेल

गाज़ियाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दुल्हन को उपहार में दिए जाने वाला सामान नकली नहीं होगा। इस बार जांच के बाद ही अच्छी गुणवत्ता के सामान की खरीदारी होगी। यही नहीं, दुकानदार से यह शपथ पत्र भी लिया जाएगा कि सामान नकली नहीं है। यह निर्णय शासन स्तर से लिया गया है क्योंकि प्रथम चरण के सामूहिक विवाह का अनुभव अच्छा नहीं रहा। जगह-जगह से नकली सामान दिए जाने की शिकायतें मिली थीं।

बता दें कि, इस योजना के तहत सरकार एक शादी पर 35 हजार रुपये खर्च करती है। 20 हजार रुपये दुल्हन के खाते में देने के अलावा 10 हजार रुपये का सामान और 5 हजार रुपये खाने पर खर्च होते हैं। जिले में पहले चरण में 136 शादियां कराई गई हैं। शासन से इस साल का लक्ष्य भी दे दिया गया है जिसके तहत करीब 1500 शादियां कराई जानी हैं। दूसरे चरण की शादियां कब होंगी इसकी तिथि जल्द घोषित होगी। इस बीच पुराने अनुभव को देखते हुए इस बार योजना में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। पहले शादी के खर्च का भुगतान ब्लॉक स्तर पर होता था, मगर इस बार यह मुख्यालय से होगा। शासन ने यह निर्णय पारदर्शिता बरतने के लिए लिया है। इसके अलावा सबसे बड़ा निर्णय उपहार में दिए जाने वाले सामान पर लिया गया है।

दुल्हन को उपहार में दिए जाने वाले सामान की पहले जांच होगी। इसके बाद दुकानदार से शपथ पत्र लिया जाएगा कि सामान अच्छी गुणवत्ता का है। सामान नकली पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। प्रशासन की तरफ से दुल्हन को बेड, चांदी का सामान व बर्तन आदि दिए जाते हैं।

पहले चरण में कुछ जिलों में उपहार में दिया गया सामान नकली निकला था। चांदी के आभूषण की जगह लोहे का सामान दे दिया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय व्यास का कहना है कि शासन के आदेश पर अमल किया जाएगा। दुल्हन को दिए जाने वाले सामान की खरीदारी से पहले जांच कराई जाएगी।