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पाकिस्तानी सेना नहीं मानती है रमज़ान की बन्दिशों को, सीमा पर से फायरिंग में शहीद हुए 3 अफसर और 1 सैनिक

पाकिस्तानी सेना नहीं मानती है रमज़ान की बन्दिशों को, सीमा पर से फायरिंग में शहीद हुए 3 अफसर और 1 सैनिक

जम्मू | कट्टर से कट्टर मुस्लिम आतंकवादी से भी उम्मीद की जाती है कि वह कम से कम इस्लाम के प्रति वफादार होगा और कम से कम रमज़ान के दौरान अपनी नापाक हरकतों से बाज़ रहेगा। मगर जम्मू-कश्मीर के भीतर और सीमा पार पाकिस्तान के मुसलमानों को शायद अपने मजहब की भी परवाह नहीं है। यही कारण है कि भारत की ओर से सुलह-शांति की लाख कोशिशों के बावजूद यहाँ हर रोज़ कोई न कोई हादसा होता है और निर्दोष भारतीय सैनिकों को अपनी जानें गवानी पड़ती है।

पाकिस्तान की तरफ से बीती रात जम्मू कश्मीर के सांबा के रामगढ़ सेक्टर के चमलियाल पोस्ट पर हुई फायरिंग में बीएसएफ के तीन अफसर सहित एक जवान शहीद हो गए। इसके अलावा तीन जवान घायल बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बीती रात जम्मू कश्मीर के चमलियाल पोस्ट पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने फायरिंग कर दी। यहाँ से मिली जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर पाकिस्तान ने छोटे आर्म्स और मोर्टार दागे। हमले में बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट जतिंदर सिंह, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर राम निवास, एक सब इंस्पेक्टर और एक जवान शहीद हो गए। हमले में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की ओर से सीमा पर सीजफायर के उल्लंघन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। 29 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच हुई डीजीएमओ स्तर की बातचीत में 2003 के संघर्ष विराम समझौते को लागू करने पर सहमति बनी थी।

आतंकी कर रहे हैं बड़े हमले की तैयारी

सेना सूत्रों के अनुसार आतंकी संगठन घाटी में एक बड़े हमले की फिरांक में हैं। मंगलवार को सुरक्षाबलों के काफिलों को निशाना बनाने के लिए आतंकियों ने बाहू त्राल के अवंतिपुरा रोड पर आईईडी ब्‍लास्‍ट करने की साजिश रची थी। इस साजिश के तहत आतंकियों ने अवंतीपुरा रोड को काजीगुंड रेलवे स्‍टेशन से जोड़ने वाले लिंक रोड पर आईईडी लगा दिया। यह आईईडी करीब पांच किलो विस्‍फोटक से बना था। आतंकियों को पता था कि सीआरपीएफ़ के वाहन पीकेट पार्टियों को लेकर वहीं से गुजरती हैं। आतंकियों का मंसूबा गाड़ी में मौजूद सीआरपीएफ़ की पीकेट पार्टियों को एक साथ उठाना था। गनीमत रही कि सीआरपीएफ़ की 185वीं बटालियन की फुट पेट्रोलिंग टीम को इस आईईडी के बारे में पता चल गया और जिसके बाद सीआरपीएफ़ के अधिकारियों ने तत्‍काल इसकी जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ साझा की। अंत में सीआरपीएफ़ और पुलिस की संयुक्‍त टीम तत्‍काल मौके पर पहुंची और इस आईईडी को डिएक्टिवेट कर नष्‍ट कर दिया।

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