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चार साल बाद भी नहीं बन सका डीईआईसी

चार साल बाद भी नहीं बन सका डीईआईसी

गाज़ियाबाद। गर्भ में ही बीमारियों की चपेट में आने वाले बच्चों की देखभाल और समय से उपचार के लिए केंद्र की महत्वकांक्षी योजना ‘अर्ली इंटरवेंशन सेंटर’ जनपद में दम तोड़ रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार दो बार बजट जारी कर चुकी है और बजट को संबंधित कार्यदायी संस्था को ट्रांसफर भी किया जा चुका है। इसके बावजूद संजयनगर स्थित कंबाइंड अस्पताल में यह सेंटर नहीं बन सका है। जबकि अप्रैल तक इसके शुरू होने के दावे किए जा रहे थे। सीएमओ का कहना है कि काम करने वाली संस्था जवाब मांगा जा रहा है।

लगभग चार साल पहले शासन स्तर से गाजियाबाद में अर्ली इंटरवेंशन सेंटर बनाए जाने की मंजूरी देते हुए 60 लाख रुपए का बजट जारी किया गया था। उस समय मौजूदा सीएमओ ने बजट को कम बताते हुए ज्यादा बजट भेजने की बात कही थी। जिसके बाद सरकार ने दोबारा से 76 लाख रुपये का बजट जारी किया। शासन स्तर से गाजियाबाद में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर बनाने के लिए एचएलएफपीपीटी नामक एनजीओ को जिम्मेदारी दी गई है। कंबाइंड अस्पताल में इंटरवेंशन सेंटर बनाने के लिए एनजीओ को एक पूरा वार्ड दिया गया है। वार्ड में बच्चों की देखभाल के लिए उपरकण और सुविधाएं मुहैया करवाने काम काम एनजीओ को करना है। इसके लिए शासन की ओर से जारी बजट को भी लगभग 6 महीने पहले एनजीओ को ट्रांसफर कर दिया गया। कुछ दिन पहले एनजीओ की टीम ने कंबाइंड अस्पताल का सर्वे भी किया था।

डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में नवजात बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे पैरों टेढा होना, मानसिक कमजोरी, बच्चों का देर से रोना, जन्म से कमजोर होना, जिनका पता काफी बाद में चलता है उनकी जांच करके उपचार किया जाएगा। अभी सरकारी अस्पतालों में इसकी सुविधा नहीं है। जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पतालों पर ही निर्भर रहना होता है या फिर दिल्ली जाना पड़ता है। इंटरवेंशन सेंटर बनने के बाद इस तरह की बीमारियों का उपचार यहीं हो सकेगा। इसके लिए सेंटर में विशेषज्ञों की टीम नियुक्त की जाएगी। साथ ही सेंटर में नर्सरी की भी व्यवस्था की जाएगी। जिस प्रीमैच्योर बच्चों की देखरेख की जा सके।

 

 

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