ताज़ा खबर :
prev next

यहाँ फर्जी डॉक्टर 2 हजार में कर रहे थे किडनी और लिवर की जांच, दे रहे थे एक्सपायर दवा

यहाँ फर्जी डॉक्टर 2 हजार में कर रहे थे किडनी और लिवर की जांच, दे रहे थे एक्सपायर दवा

नई दिल्ली। एक बार फिर राजधानी दिल्ली में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। शुक्रवार को नारायणा गांव स्थित गोपाल डेरी के पास वेस्ट दिल्ली क्लिनिक चलाने वाले एसएम खान को पकड़ा गया। उसके पास न कोई मेडिकल डिग्री मिली है और ना ही कोई सर्टिफिकेट। वह डॉक्टर बनकर मरीजों को 1950 रुपये में किडनी और लिवर टेस्ट करता था। पूछताछ में 60 वर्षीय खान ने बताया कि उनकी डिग्री किसी कारणवश रुकी हुई है।

इस पर उसे सोमवार तक का वक्त देते हुए क्लिनिक सील कर दी गई है। वहीं गांव में छापेमारी की भनक पाकर पांच अन्य फर्जी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गए। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली मेडिकल काउंसिल, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन, होमियोपैथी और डेंटल काउंसिल की संयुक्त टीम ने नारायणा गांव में छापेमारी की। टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. अनिल बंसल ने बताया कि पिछले काफी समय से इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायतें मिल रही थीं।
शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे हुई छापेमारी की भनक लगने से पांच झोलाछाप डॉक्टर पहले ही फरार हो गए। जबकि खुद को डॉक्टर बताने वाले एसएम खान को पकड़ा लिया गया। उसके क्लीनिक से काफी मात्रा में स्टेरॉयड सहित नशीली दवाएं मिलीं हैं। इनमें से कई एक साल पहले ही एक्सपायर हो चुकी हैं। उसकी क्लीनिक सील कर दी गई है। जबकि अन्य पांचों डॉक्टरों के क्लिनिक पर नोटिस चस्पा कर दिया है। डॉ. बंसल का कहना है कि स्थानीय सीडीएमओ को भी इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश मिल चुके हैं। डॉ. बसंल ने बताया कि दिल्ली में झोलाछाप डॉक्टरों की तादाद बढ़ने लगी है। डेंगू और चिकनगुनिया की आड़ में इनका व्यापार तेजी से फैलता है।
उन्होंने लोगों से फर्जी डॉक्टरों की सूचना देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब पूरी दिल्ली में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई होगी। मालूम हो कि हर साल अभियान चलाकर हर वर्ष 150 से 200 झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाती है। शुक्रवार को टीम के पहुंचने से पहले ही पांच डॉक्टरों के फरार होने  है। सूत्रों की मानें तो इसमें दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। यही वजह है कि अब आगे से जितनी भी कार्रवाई होंगी, उसके बारे में पुलिस को नहीं बताया जाएगा। हालांकि इस पर डॉ. बसंल ने कुछ कहने से इंकार किया।