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ज्ञानवापी सर्वे पर भड़के ओवैसी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सरासर उल्लंघन

वाराणसी। यूपी के वाराणसी ए ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का काम शनिवार को एक बार फिर दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। शुक्रवार को पहली बार सर्वे टीम परिसर में पहुंची थी और कोर्ट के आदेश के मुताबिक वीडियोग्राफी की। हालाँकि एक पक्ष ने मस्जिद परिसर में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी थी। इस मामले में एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है।

ओवैसी ने अपने ताजा ट्वीट में लिखा है, ‘सर्वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। निचली अदालत सर्वोच्च अदालत के आदेश का उल्लंघन कर रही है। इस आदेश से कोर्ट 1980-1990 के दशक की रथ यात्रा के रक्तपात और मुस्लिम विरोधी हिंसा का रास्ता खोल रहा है।’

इससे पहले भारी गहमागहमी व सुरक्षा के बीच शुक्रवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने पक्षकारों की मौजूदगी में ज्ञानवापी परिसर में सर्वे शुरू किया। इस दौरान अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के वकीलों ने कमीशन को मस्जिद के अंदर जाने से रोक दिया। करीब एक घंटे तक दोनों पक्ष में बहस होती रही। पुलिस के हस्तक्षेप से माहौल शांत हुआ।

एडवोकेट कमिश्नर ने करीब चार घंटे मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी करने के साथ बारीकी से वस्तुस्थिति की जांच की। कमीशन की कार्यवाही शनिवार को भी जारी रहेगी। एडवोकेट कमिश्नर रिपोर्ट 10 मई को सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश करेंगे।

काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के लिए टीम करीब तीन बजकर 10 मिनट पर ज्ञानवापी परिसर पहुंच गई थी। कमेटी के अधिवक्ताओं के मंदिर में प्रवेश के दौरान मुस्लिम समुदाय के करीब 50 की संख्या में जुटे लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में दूसरे पक्ष से हर-हर महादेव का उद्घोष होने लगा। स्थिति तनावपूर्ण होते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला। मुस्लिम पक्ष के प्रबुद्ध लोग पहुंचे और तत्काल सभी को वहां से हटाया गया।

मुस्लिम समाज के लोग सर्वे के दौरान होने वाली वीडियोग्राफी का विरोध कर रहे हैं। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव एम यासीन ने पहले ही कार्यवाही का विरोध करने का एलान किया था। उन्होंने बीमार होने का हवाला देकर मीडिया से बात करने से इन्कार कर दिया। हालांकि कमेटी के वकीलों ने कहा कि कानून की बात मानेंगे पर कुछ अलग होगा तो शिकायत करेंगे।

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