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बलात्कार पीड़िता पर ममता बनर्जी का शर्मनाक बयान, निर्भय की माँ के बाद NCW ने भी घेरा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नदिया में कथित सामूहिक बलात्कार और एक नाबालिग की मौत को लेकर काफी विवाद बढ़ गया है। इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस मामले पर उनकी टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। वहीं 2012 में गैंगरेप और हत्या की पीड़िता निर्भया की मां ने भी प्रतिक्रिया दी है। निर्भया की मां ने कहा कि यदि ममता बनर्जी इतनी असंवेदनशील हैं तो फिर उन्हें सीएम के पद पर रहने का कोई अधिकारी नहीं है।

रेखा शर्मा ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “घटना पर सीएम ममता बनर्जी का बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक महिला होने के नाते उन्हें दूसरी महिला का दर्द समझना चाहिए। उन्होंने पीड़िता पर उंगली उठाई, यह गलत था।” वहीं निर्भया की मां ने कहा कि इस घटना की सही ढंग से जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान ऐसे अपराधों को बढ़ावा देने का काम करते हैं। इससे पीड़ित प्रभावित होते हैं और अपराधियों को बढ़ावा मिलता है। ऐसे नेताओं को सिर्फ अपने वोटबैंक की ही चिंता रहती है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सवाल किया कि क्या लड़की के साथ वास्तव में बलात्कार हुआ था या उसके प्रेम संबंध थे जिससे वह गर्भवती हुई? ममता ने कहा था, “आप कैसे जानते हैं कि उसके साथ बलात्कार किया गया था? पुलिस अभी तक मौत के कारण का पता नहीं लगा पाई है। मैंने उनसे पूछा था। क्या वह गर्भवती थी या प्रेम संबंध था या बीमार थी? यहां तक ​​​​कि परिवार भी जानता था कि यह एक प्रेम संबंध था। अगर एक युगल एक रिश्ते में है, मैं उन्हें कैसे रोक सकती हूं?”

उन्होंने कहा कि अगर कपल रिलेशनशिप में है तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं, यह यूपी नहीं है जहां लव जिहाद के नाम पर ऐसा होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाइल्ड कमीशन को इस मामले की जांच सौंपी जानी है। ममता बनर्जी का कहना था कि यह पर्सनल फ्रीडम का मामला है। यदि कोई भी गड़बड़ी हुई है तो फिर दोषियों को पुलिस गिरफ्तार करेगी। एक संदिग्ध को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

बता दें इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद एक 14 वर्षीय लड़की की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने मामले में तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत नेता के बेटे पर आरोप लगाया है। मामले में आईपीसी की धारा 376 (2) (जी) (सामूहिक बलात्कार), 302 (हत्या), 204 (सबूत के साथ छेड़छाड़) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

बंगाल की पीड़िता के पिता ने कहा, ‘4 अप्रैल को मेरी बेटी समर ग्वाला के बेटे के निमंत्रण पर बर्थडे पार्टी में गई थी। वे शाम को 7:30 बजे मेरी बेटी को घर छोड़ गए थे। मैं वहां नहीं था, मेरी पत्नी ने बताया कि एक महिला और दो युवक उसे घर छोड़ने आए थे। हम उन्हें नहीं जानते। हम सिर्फ इतना जानते हैं कि हमारी बेटी समर ग्वाला के घर पर बर्थडे पार्टी में गई थी।’

उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटी जब पार्टी से लौटी तो उसके खून बह रहा था। अगली सुबह उसकी तबीयत बेहद खराब हो गई तो हम डॉक्टर को देखने पहुंचे। वापस जब तक हम घर लौटते, उसकी जान जा चुकी थी। उसका समर के बेटे ने रेप किया था। मेरी बेटी और समर का बेटा रिलेशनशिप में थे।’ पीड़िता की मां ने कहा कि वे लोग बर्थडे पार्टी के लिए मेरी बेटी को शाम 4 बजे ले गए थे। समर के बेटे ने मेरी बेटी का रेप किया है। जो लोग उसे घर छोड़ने आए थे, उन्होंने हमें धमकियां दी थीं। इसलिए हमने कुछ नहीं कहा था, लेकिन अब हम उन्हें सजा दिए जाने की मांग करते हैं।

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