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कैसे पता चलेगा कि आपको कोविड-19 बूस्टर शॉट की आवश्यकता है, जानिए आसान तरीका?

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना के घातक वैरिएंट ओमीक्रोन के आने के बाद नए मामलों की संख्या ने रफ्तार पकड़ ली है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मद्देनजर देश में 10 जनवरी से बूस्टर खुराक की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इसे कोरोना की तीसरी खुराक भी कहा जाता है, जो कई देशों में दी जा रही है।

बूस्टर डोज टीके की एक अतिरिक्त खुराक है, जो किसी ऐसे व्यक्ति में सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा को लम्बा करने में मदद कर सकता है जिसने पहली बार में पूरी तरह से प्रतिक्रिया दी थी। बूस्टर डोज की सिफारिश इसलिए की जा रही है क्योंकि यह देखा गया है कि दोनों वैक्सीन लेने के बाद भी लोगों में समय के साथ उनका असर कम हो रहा था यानी उनमें, जो प्रतिरक्षा विकसित हुई थी, वो समय के साथ कम हो जाती है। दूसरा, कोरोना के नए घातक वैरिएंट ओमीक्रोन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर आप बूस्टर डोज के लिए पात्र हैं लेकिन आश्वस्त नहीं हैं कि आपको एक और खुराक की आवश्यकता है तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें। वह आपके व्यक्तिगत लाभों और अतिरिक्त खुराक प्राप्त करने के जोखिमों के आधार पर फैसला लेने में आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए आपका डॉक्टर आपके एंटीबॉडी लेवल की जांच कर सकता है, जिसे एंटीबॉडी टेस्ट भी कहा जाता है।

एंटीबॉडी टेस्ट कराने से इस बात का पता चलता है कि जो वैक्सीन हमे लगी है वो काफी है या हमे दोबारा लगवाने की जरूरत है। अगर आपने वैक्सीन की दोनों डोज ली है और टेस्ट के बाद आपकी एंटीबॉडीज कम आती हैं तो इसका मतलब है कि वैक्सीन का असर आपके शरीर में कम हो गया है लेकिन अगर आपके शरीर में एंटीबॉडीज ज्यादा हैं तो इसका मतलब है कि वैक्सीन अब भी काम कर रही है।

एंटीबॉडी टेस्ट कराने में लगभग 500 से 1000 हजार तक का खर्च आ सकता है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में एंटीबॉडी की जांच के लिए डिप्कोवैन किट बनाई थी, जिसकी कीमत मात्र 75 रुपए है। एंटीबॉडी टेस्ट कराने के बाद रिपोर्ट मिलने में ज्यादा देर नहीं लगती है। आपको 1-2 घंटे के अंदर रिपोर्ट मिल जाती है।

वहीं अगर आप कोरोना संक्रमण से रिकवर हो गए हैं तो लगभग 2 हफ्ते बाद आप ये टेस्ट करवा सकते हैं क्योंकि ठीक होने के 13-14 दिन बाद आपके शरीर में एंटीबॉडीज बन जाती हैं।

हालाँकि अभी सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, कोविड-19 की बूस्टर डोज कोरोना वॉरियर्स जिनमें स्वास्थ्य कर्मचारी, अग्रिम मोर्चे की कार्यकर्ता और वरिष्ठ नागरिकों को दी जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों में 60 साल से अधिक उम्र के वो बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें कोई पुरानी गंभीर बीमारे है या जिन्हें डॉक्टर ने तीसरी खुराक की सलाह दी है। वहीं अभी सभी बुजुर्गों को अनिवार्य रूप से डोज लगवाने को नहीं कहा गया है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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