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पीएम मोदी को काला झंडा दिखाने वाली कांग्रेस नेत्री ने खुद पर चलवाई थी गोली, ताकि चुनाव में मिल जाए टिकट

सुल्तानपुर। कांग्रेस नेता के साथ हुए गोलीकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी को काले झंडे दिखाने का प्रयास कर चर्चा में आई कांग्रेस नेता रीता यादव ने राजनीतिक लाभ के लिए खुद पर गोली चलवाई थी, रीता के साथ अन्य दो आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त असलहा बरामद कर लिया है।

16 नवंबर को पीएम मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के लिए सुल्तानपुर पहुंचे थे। इस दौरान रीता यादव ने उन्हें काला झंडा दिखाया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था और दो दिनों बाद उनकी बेल हुई थी। घटना के एक महीना बाद तक वह सपा में रहीं, लेकिन सम्मान नहीं मिलने पर वो 17 दिसंबर को लखनऊ में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा से मिलीं और कांग्रेस ज्वॉइन की थी।। वहीं 3 जनवरी 2022 को रीता यादव द्वारा लंभुआ पुलिस को सूचना दी गई कि कस्बे के लखनऊ वाराणसी बाईपास ओवर ब्रिज के पास अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने उसके ऊपर फायरिंग की, जिससे उनके पैर में गोली लग गई। जिसके बाद आनन-फानन में घायल गीता यादव को सुल्तानपुर जिला अस्पताल इलाज के लिए भिजवाया गया।

कांग्रेस नेत्री रीता यादव को गोली मारे जाने के मामले में कांग्रेस मुखर हो गई थी। घटना के दो घंटे के अंदर यूपी कांग्रेस ने दो ट्‌वीट किए गए। दोनों ही ट्वीट में कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को निशाना बनाया। ट्वीट में लिखा गया था कि ‘प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखाने वाली कांग्रेस नेता रीता यादव को सुल्तानपुर में गोली मार दी गई। उसी क्षेत्र में गुंडाराज की केंद्रीय संरक्षक बनकर स्मृति ईरानी बता रही हैं कि उन्हें एक महिला को गोली मारे जाने से नहीं, जंगलराज से नहीं, महिलाओं के सशक्तिकरण से बड़ी परेशानी है।’

वहीं, दूसरे ट्वीट में इस बात का जिक्र था कि जिस गुंडाराज ने महिला नेताओं की साड़ी खींचने वाले, गोली मारने वाले हैवान पाले हों, वहां लड़कियों को लड़ना पड़ेगा। स्मृति ईरानी अब ‘पुराने जमाने की सास’ चाहे जितना कहे कि ‘बेटी सह लो’, बेटियां सहने को तैयार नहीं हैं, इसलिए वे #लड़कीहूँ लड़सकतीहूं का नारा बुलंद कर रही हैं।

इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि रीता यादव ने अपने जानने वाले पूर्व ग्राम प्रधान माधव यादव और ड्राइवर मो. मुस्तकीम के साथ सुनियोजित तरीके से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से टिकट पाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।

लंभुआ सर्किल क्षेत्र के सीओ सतीश चंद शुक्ला ने बताया कि घटनास्थल से सीएचसी की दूरी एक किमी थी। यहीं से शक की सुई घूमी। रीता के पैर में गोली लगी थी। अक्सर पुलिस मुठभेड़ में गन पाइंट यहीं रहता है। यह एंगल जांच का विषय बना। सीएचसी से अस्पताल रीता ने दो अलग-अलग बयान दिए। बाद में उसने बयान दर्ज कराने में आनाकानी की। रीता के ड्राइवर मो. मुस्तकीम को उठाया तो प्लान के बाद गोली मारने का खुलासा किया।

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