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आइएमए, जामिया मिल्लिया समेत 6000 संस्थानों का FCRA लाइसेंस हुआ खत्म, नहीं मिलेगी विदेशों से फंडिंग

नई दिल्ली। दिल्ली आईआईटी, जामिया मिलिया समेत देशभर के 6 हजार संस्थानों और संगठनों के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन की मियाद खत्म हो गई है। विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम (FCRA) रजिस्ट्रेशन विदेशों से फंडिंग के लिए जरूरी होता है। अधिकारियों ने कहा कि इन संस्थानों ने या तो अपने एफसीआरए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके आवेदनों को खारिज कर दिया।

विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) से संबंधित आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, जिन संगठनों और संस्थानों का एफसीआरए के तहत पंजीकरण समाप्त हो गया है या वैधता समाप्त हो गई है, उनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल फाउंडेशन, लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और ऑक्सफैम इंडिया शामिल हैं।

इसके अलावा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई), इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन, जो पूरे भारत में एक दर्जन से अधिक अस्पताल चलाता है, ट्यूबरकोलोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, विश्व धर्मायतन, महर्षि आयुर्वेद प्रतिष्ठान, नेशनल फेडरेशन ऑफ फिशरमेन कोऑपरेटिव्स लिमिटेड का पंजीकरण समाप्त हो गया है।

हमदर्द एजुकेशन सोसाइटी, दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क सोसाइटी, भारतीय संस्कृति परिषद, डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसाइटी, इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर, गोदरेज मेमोरियल ट्रस्ट, दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी, जेएनयू में न्यूक्लियर साइंस सेंटर, इंडिया हैबिटेट सेंटर, लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच भी इन संस्थानों या संगठनों में शामिल हैं।

एफसीआरए के तहत पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और इसके सहयोगियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अधिनियम के तहत पंजीकरण शनिवार (1 जनवरी) को समाप्त माना गया है। शुक्रवार तक 22,762 एफसीआरए-पंजीकृत एनजीओ थे। शनिवार को, यह घटकर 16,829 हो गए क्योंकि 5,933 एनजीओ ने कामकाज बंद कर दिया।

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