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दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड को लंदन से लाई पुलिस

दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ा कामयाबी हाथ लगी है। स्पेशल सेल ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया हरविंदर सिंह को लंदन से प्रत्यर्पित किया है। रैकेट में शामिल सात सदस्यों को स्पेशल सेल की टीम पहले ही अरेस्ट कर चुकी है। साल में यह दूसरी बार है जब स्पेशल सेल ने ब्रिटेन के दूसरे नागरिक को प्रत्यर्पित कराने में सफलता पाई है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 मई 2018 को आईजीआई एयरपोर्ट के कार्गो कॉम्पलेक्स में छापा मारकर ड्रग की एक बड़ी खेप बरामद की थी। इस ड्रग को ब्रिटेन भेजा जा रहा था। पुलिस ने इस ड्रग के साथ आशीष शर्मा एवं आसिम अली को रंगेहाथ पकड़ा। बाद में इस मामले में अन्य आरोपियों प्रवीण सैनी, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, ललित सुखीजा एवं अक्षत गुलिया की गिरफ्तारी हुई। इनके पास से भी बड़ी मात्रा में ड्रग की बरामदगी हुई।

इनसे पूछताछ में पता चला कि इस ड्रग नेटवर्क का सरदार ब्रिटिश नागरिक हरवीर सिंह उर्फ बलजीत सिंह उर्फ बल्ली है। मामले में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर किया। फिर कोर्ट से बल्ली के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। सेल ने उसकी आपत्तिजनक जानकारी वाली टेलीफ़ोनिक कॉलों को कानूनी रूप से इंटरसेप्ट किया। उसके खिलाफ मजबूत सुबूत जुटाने के बाद प्रत्यर्पण के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। इस गिरोह के पास से 4 किलोग्राम मेफेड्रोन ड्रग जिसे ‘म्याऊ-म्याऊ’ के रूप में जाना जाता है, डायजेपाम पाउडर के साथ-साथ डायजेपाम की 6,53,244 गोलियां, नाइट्राज़ेपम, लोराज़ेपम और अल्प्राज़ोलम टैबलेट बरामद किए गए।

इतनी बड़ी खेप बरामद होने पर एनडीपीएस अधिनियम में उक्त अपराध के लिए न्यूनतम 10 साल व अधिकतम 20 साल तक सजा का प्रोविधान है। हरविंदर सिंह के खिलाफ जारी ओपन डेटेड एनबीडब्ल्यू को निष्पादित करने के लिए, भारत सरकार की ओर से डोरसेट एवेन्यू, साउथहॉल, यूनाइटेड किंगडम, ट्रायल कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया गया और लंदन पुलिस को 2020 में इस बारे में जानकारी दी गई।

जिसके बाद हरविंदर सिंह यूके पुलिस ने इसी साल फरवरी में लंदन में गिरफ्तार कर लिया था और वहां के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में मुकदमा चलाया गया। साक्ष्यों और वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से नवंबर में सुनवाई खत्म हुई जिसके बाद हरविंदर सिंह ने भारत के प्रत्यर्पण के लिए अपनी सहमति सामने रखी। वेस्टमिंस्टर न्यायालय ने औपचारिक प्रत्यर्पण आदेश जारी करने के लिए मामले को राज्य सचिव के पास भेज दिया। जिसके बाद दिल्ली से कई अधिकारियों की टीम को उसे लाने के लिए लंदन भेजा गया। 24 को पुलिस टीम हरविंदर सिंह के साथ दिल्ली आ गई।

डीसीपी स्पेशल सेल संजीव कुमार यादव के मुताबिक हरविंदर सिंह का जन्म अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। तालिबान के मुददों के दौरान 1990 में वह परिवार के साथ दिल्ली आ गया था। 1998 में उसने यूनाइटेड किंगडम की पहली यात्रा की और उसके बाद लगातार का वहां का दौरा किया। कुछ समय बाद उसने वहां का नागरिकता लेने के लिए आवेदन किया। जिसपर 2008 में उसे ब्रिटिश नागरिकता मिल गई। वहां रहकर उसने भारत में अपने सिंडिकेट के माध्यम से ड्रग्स तस्करी का धंधा शुरू कर दिया।

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