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हिंदू एकता महाकुंभ में आरएसएस प्रमुख ने कहा- ‘घर वापसी’ कराने के लिए सभी जुट जाएं

चित्रकूट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने चित्रकूट में आयोजित ‘हिंदू एकता महाकुंभ’ में हिस्सा लिया। उन्होंने इस महाकुंभ में शामिल लोगों को सनातन धर्म छोड़कर अन्य धर्म अपनाने वालों की ‘घर वापसी’ करवाने की दिशा में प्रयास करने का संकल्प दिलाया। भागवत ने यह भी संकल्प दिलाया कि हर हिंदू अपने हिंदू भाइयों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं बरतेगा और उन्हें सनातन छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने से रोकेगा।

तपोभूमि चित्रकूट में जगद्गुरू तुलसी पीठाधीश्वर पद्म विभूषण स्वामी रामभद्राचार्य की पहल पर आयोजित हिंदू एकता महाकुंभ का मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ जगद्गुरु ने शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। तीन दिवसीय हिन्‍दू एकता महाकुंभ में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने हिन्‍दू धर्म छोड़ने वालों की घरवापसी का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि भय ज्‍यादा दिन तक बांध नहीं सकता है। अहंकार से एकता टूटती है। हम लोगों को जोड़ने के लिए काम करेंगे। महाकुंभ में शामिल हो रहे लोगों को उन्‍होंने इसका संकल्‍प भी दिलाया।

लोगों ने संकल्‍प लेते हुए आरएसएस प्रमुख के साथ कहा-‘मैं हिन्दू संस्कृति का धर्मयोद्धा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की संकल्प स्थली पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर को साक्षी मानकर संकल्प लेता हूं कि मैं अपने पवित्र हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति और हिन्दू समाज के संरक्षण संवर्धन और सुरक्षा के लिए आजीवन कार्य करूंगा। मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि किसी भी हिन्दू भाई को हिन्दू धर्म से विमुख नहीं होने दूंगा। जो भाई धर्म छोड़ कर चले गए हैं, उनकी भी घर वापसी के लिए कार्य करूंगा। उन्हें परिवार का हिस्सा बनाऊंगा। मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि हिन्दू बहनों की अस्मिता, सम्मान व शील की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करूंगा। जाति, वर्ग, भाषा, पंथ के भेद से ऊपर उठ कर हिन्दू समाज को समरस सशक्त अभेद्य बनाने के लिए पूरी शक्ति से कार्य करूंगा।’

श्री श्री रविशंकर ने कहा कि जब अन्य लोग एकत्र होते हैं तो दहशत होती है, जबकि हिंदू एक होता है तो देशहित के कार्य होते हैं। जो ईश्वर को नहीं मानते उनकी देशभक्ति पर बहुत बड़ा सवाल है। 12 बिंदुओं पर जो मंथन हो रहा है, वह वाकई सराहनीय है। वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि हिंदुओं को बिखरना नहीं चाहिए। हमें खरबूजा दिखना चाहिए संतरा नहीं। बाहर भले ही धारियां हों लेकिन भीतर से एक हों। गऊ माता को जिंदा दफना दिया जा रहा है। सड़क पर बेहाल घूम रही हैं, गऊ और ब्राह्मण की रक्षा होनी जरूरी है। हर व्यक्ति घर में गाय बैल जरूर पालें।

कार्यक्रम में ज्ञानानंदजी गीता मनीषी, सद्गुरु ब्रह्मेश्वरानंद, महानिर्वाणी अखाड़ा से रविंद्र पुरी, आचार्य लोकेश मुनि, साध्वी ऋतंभरा, स्वामी चिदानंद सरस्वती, रमेशभाई ओझा, निंबार्काचार्यश्री जी महाराज, आचार्य रामचंद्र दास, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे समेत संत समाज के लोग मंच पर मौजूद रहे।

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