एनसीआर

प्रदूषण की मार: दिल्ली-एनसीआर में स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद

नई दिल्ली। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार देर रात निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे और केवल ऑनलाइन शिक्षा की अनुमति होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण मामले पर सुनवाई करते हुए लॉकडाउन लगाने का भी सुझाव दिया था।

सीएक्यूएम के निर्देशों में कहा गया है, ”एनसीआर में सभी सार्वजनिक और निजी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे और केवल ऑनलाइन शिक्षा की अनुमति होगी।” एनसीआर में आने वाले राज्यों की सरकारों को रविवार तक एनसीआर में कार्यालयों में अपने कर्मचारियों की कम से कम 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ घर से काम करने की अनुमति देने और निजी प्रतिष्ठानों को इस नियम का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है।

आयोग ने दिल्ली और एनसीआर में आने वाले राज्यों को 21 नवंबर तक क्षेत्र में ‘सीएंडडी’ अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और धूल नियंत्रण मानदंडों के सख्त अनुपालन के साथ ”रेलवे सेवाओं या रेलवे स्टेशनों, मेट्रो रेल निगम सेवाओं, स्टेशनों, हवाई अड्डों और अंतर-राज्यीय बस टर्मिनलों (आईएसबीटीएस) सहित और राष्ट्रीय सुरक्षा अथवा रक्षा संबंधी गतिविधियों अथवा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं” को छोड़कर निर्माण और तोड़-फोड़ संबंधी सभी गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया है।

आयोग ने निर्देश दिए कि दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित 11 ताप विद्युत संयंत्रों में से केवल पांच – एनटीपीसी, झज्जर, महात्मा गांधी टीपीएस, सीएलपी झज्जर, पानीपत टीपीएस, एचपीजीसीएल, नाभा पावर लिमिटेड टीपीएस, राजपुरा और तलवंडी साबो टीपीएस, मानसा 30 नवंबर तक चालू रहेंगे।

आयोग ने कहा, ”एनसीआर में अब भी गैरस्वीकृत ईंधन का उपयोग करने वाले सभी उद्योगों को संबंधित सरकारें तत्काल प्रभाव से बंद करेंगी… एनसीआर के राज्य और जीएनसीटीडी आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजी सेट के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध रहेंगे।”

वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए गैरजरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों का प्रवेश रविवार तक दिल्ली में प्रतिबंधित कर दिया गया है। आयोग ने इस मामले पर उच्चतम न्यायालय की सुनवाई से पहले क्षेत्र में गंभीर वायु प्रदूषण के संबंध में दिल्ली और एनसीआर वाले राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंगलवार को एक बैठक की थी।

एनसीआर में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि क्रमशः 10 साल और 15 साल से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहन सड़क पर चलते नहीं पाए जाएं। दिल्ली सरकार को जल्द से जल्द पर्याप्त संख्या में सीएनजी बसों को खरीदने और उन्हें सड़कों पर उतारने का निर्देश दिया गया है।

दिल्ली और एनसीआर राज्यों के मुख्य सचिवों को नियमित आधार पर निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करने और सोमवार को आयोग के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

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